Advertisements
Advertisements
Question
किसानों को अक्सर अपने खेत के नक्शे और रिकॉर्ड की जरूरत पड़ती है इसके लिए उन्हें कुछ शुल्क देना पड़ता है किसानो को इसकी नकल पाने का अधिकार है हालांकि कई बार यह रिकॉर्ड आसानी नहीं मिलते लोगो को इसको हासिल करने में कई मुस्किलो का सामना करना पड़ता है कई राज्य में ये सारा रिकॉर्ड कंप्यूटर में डालकर पंचयत के दफ्तर में रख दिया जाता है ताकि लोगो को वह आसानी से उपलब्ध हो सके और नई सूचनाओं के अनुसार नियमित रूप से दुरुस्त होते रहे
आपको क्या लगता है कि किसानों को इस रिकॉर्ड की जरूरत कब पड़ती होगी? नीचे दी गई स्थितियों को पढ़िए और उन मामलों को पहचानिए जिनमें जमीन के रिकॉर्ड अनिवार्य होते हैं। यह भी बताइए कि वे किसलिए जरूरी हैं?
- एक किसान दूसरे किसान से जमीन खरीदना चाहता है।
- एक किसान अपनी फसल दूसरे को बेचना चाहता है।
- एक किसान को अपनी जमीन में कुआँ खोदने के लिए बैंक से कर्ज चाहिए।
- एक किसान अपने खेतों के लिए खाद खरीदना चाहता है।
- एक किसान अपनी ज़मीन अपने बेटे एवं बेटियों में बाँटना चाहता है।
Advertisements
Solution
- जब एक किसान दूसरे किसान की जमीन खरीदना चाहता है तो उसे ज़मीन से संबंधित जानकारियों की आवश्यकता होती है कि जमीन का मालिक कौन है, क्षेत्रफल, जमीन बटाई पर है या नहीं इत्यादि। इसलिए जमीन का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है।
- जब एक किसान अपनी फसल दूसरे को बेचना चाहता है तो इसके लिए भी जमीन के मालिक तथा खेत के क्षेत्रफल की जानकारी की आवश्यकता होती है।
- एक किसान को अपनी जमीन में कुआँ खोदने के लिए बैंक से कर्ज चाहिए तो इसके लिए भी किसान को अपनी जमीन से संबंधित जानकारियाँ बैंक को उपलब्ध करानी होगी।.उस रिकॉर्ड को देखकर ही बैंक कर्ज मंजूर करेगा। इस मामले में भी जमीन के रिकॉर्ड की आवश्यकता है।
-
किसान को अपने खेतों के लिए खाद खरीदते समय पैसों की आवश्यकता होगी। उसे अपनी जमीन के रिकॉर्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- जब किसान अपनी जमीन अपने बच्चों में बाँटना चाहता है तो किसान को जमीन के रिकॉर्ड की आवश्यकता होती है ताकि वह बच्चों को उनके हिस्से की स्थिति तथा क्षेत्रफल की जानकारी उपलब्ध करा सके।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
पटवारी के कोई दो काम बताइए।
तहसीलदार का क्या काम होता है?
पिछले पाठ में आपने पंचायत के बारे में पढ़ा। पंचायत और पटवारी का काम एक-दूसरे से कैसे जुड़ा हुआ है?
अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं तो पता कीजिए आपके क्षेत्र का पटवारी कितने गाँवों के लिए जमीन के अभिलेख रखता है? गाँव के लोग पटवारी से कैसे संपर्क करते हैं?
खसरा कहलाने वाले इस रिकॉर्ड में पटवारी ने नीचे दिए गए जमीन के नक्शे के मुताबिक सूचनाएँ भरी हैं। इससे पता चलता है कि जमीन का कौन-सा टुकड़ा किसके नाम है। इस रिकॉर्ड और नक्शे को देखिए तथा मोहन और रघु की जमीन से संबंधित सवालों का जवाब दीजिए।
खसरा
| नं | क्षेत्र हैक्टेयर में | जमीन मालिक का नाम, पिता/पति का नाम और पता | यदि बटाई पर है तो दूसरे किसान का नाम और बटाई का सिस्सा | इस साल जोती गई ज़मीन | परती ज़मीन | सुविधाएँ | ||
| फसल | क्षेत्र | अन्य फसले | ||||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
| 1 | 0.75 | मोहन, वल्द राजा राम गाँव अमरपुरा ज़मीन का मालिक | नहीं | सोयाबीन | 0.75 हैक्टेयर | |||
| 2 | 3.00 | रघु राम वल्द रतन लाल गाँव अमरपुरा ज़मीन का मालिक | नहीं | गेहूँ | 2.75 हैक्टेयर | 1.75 | 0.25 | कुआँ- 1 चालू |
| 3 | 6.00 | मध्य प्रदेश सरकारी घास का मैदान | नहीं | - | कुआँ- 1 चालू चरागाह | |||
- मोहन के खेत के दक्षिण में जो जमीन है वह किसी है?
- रघु और मोहन की जमीन के बीच की सीमा पर निशान लगाइए।
- खेत संख्या 3 को कौन इस्तेमाल कर सकता है?
- खेत संख्या 2 और 3 से संबंधित क्या-क्या जानकारी हमें मिल सकती है?

