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Question
कहा जाता है कि प्रशासनिक-तन्त्र के कामकाज में बहुत ज्यादा राजनीतिक हस्तक्षेप होता है। सुझाव के तौर पर कहा जाता है कि ज्यादा-से-ज्यादा स्वायत्त एजेंसियाँ बननी चाहिए जिन्हें मंत्रियों को जवाब न देना पड़े।
क्या लोकतंत्र का अर्थ यह होता है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशासन पर पूर्ण नियन्त्रण हो?
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Solution
लोकतंत्र का अर्थ प्रशासन पर निर्वाचित प्रतिनिधियों का पूर्ण नियंत्रण नहीं है। निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्य कानून बनाना और प्रशासन को जवाबदेह रखना है। प्रशासन एक विशिष्ट कार्य है जिसे प्रशासनिक तंत्र द्वारा सर्वोत्तम रूप से नियंत्रित किया जाता है। इसलिए, इसे अपने कार्य को करने के लिए कुछ हद तक स्वायत्तता की आवश्यकता होती है।
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संसदीय कार्यपालिका का अर्थ होता है
निम्नलिखित को सुमेलित करें-
| (क) | भारतीय विदेश सेवा | जिसमें बहाली हो उसी प्रदेश में काम करती है। |
| (ख) | प्रादेशिक लोक सेवा | केंद्रीय सरकार के दफ्तरों में काम करती है जो या तो देश की राजधानी में होते हैं या देश में कहीं और। |
| (ग) | अखिल भारतीय सेवाएँ | जिस प्रदेश में भेजा जाए उसमें काम करती है, इसमें प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में भी भेजा जा सकता है। |
| (घ) | केंद्रीय सेवाएँ | भारत के लिए विदेशों में कार्यरत। |
संसदीय-व्यवस्था ने कार्यपालिका को नियन्त्रण में रखने के लिए विधायिका को बहुत-से अधिकार दिए हैं। कार्यपालिका को नियन्त्रित करना इतना जरूरी क्यों है? आप क्या सोचते हैं?
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क्या आप मानते हैं कि इससे प्रशासन ज्यादा जन-हितैषी होगा?
नियुक्ति आधारित प्रशासन की जगह निर्वाचन आधारित प्रशासन होना चाहिए। इस विषय पर 200 शब्दों में एक लेख लिखें।
