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Question
कारण लिखिए।
परितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है।
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Solution
किसी भी परितंत्र की ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है। परितंत्र में हरी वनस्पतियाँ कुल सौरऊर्जा की कुछ ऊर्जा भोजन के रूप में संग्रहित करती हैं। विघटकों तक पहुँचने के पूर्व ये ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर प्रवाहित की जाती है। विघटकों द्वारा इसमें से कुछ ऊर्जा, उष्मा के रूप में उत्सर्जित की जाती है परंतु इसमें से कोई भी ऊर्जा सूर्य की ओर वापस नहीं जाती अतः परितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है।
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