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कार्बोज पदार्थ, स्निग्ध पदार्थ, प्रथिन का ऑक्सीकरण करके ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया कैसे होती है? - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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Question

कार्बोज पदार्थ, स्निग्ध पदार्थ, प्रथिन का ऑक्सीकरण करके ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया कैसे होती है?

Very Long Answer
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Solution

  1. सबसे पहले कई प्रक्रियाओं की सहायता से दैनिक आहार में मौजूद कार्बोहाइड्रेट का पाचन पाचन तंत्र में किया जाता है। इसके बाद ये ग्लूकोज़ में परिवर्तित हो जाते हैं। इसी प्रकार प्रोटीन (प्रथिन) का रूपांतरण अमीनो अम्ल में होता है और वसा का विघटन होने पर वसा अम्ल तथा ग्लिसरोल (अल्कोहल) बनता है।
  2. कोशिकीय श्वसन के दौरान कार्बोहाइड्रेट का ऑक्सीकरण होता है। ऑक्सीकरण तीन चरणों में होता है। (i) ग्लाइकोलाइसिस (ग्लूकोज़ का विघटन) (ii) ट्रायकार्बॉक्सिलिक अम्ल चक्र या क्रेब्स चक्र या TCA चक्र तथा इलेक्ट्रॉन संवहन श्रृंखला प्रतिक्रिया (ETC प्रतिक्रिया)।
  3. ग्लाइकोलाइसिस के दौरान ग्लूकोज़ के एक अणु से पैथराधिक अम्ल, ATP, NADH2 तथा पानी क्रमशः दो-दो अणु बनते हैं। इस प्रक्रिया में बने पैथराधिक अम्ल का रूपांतरण एसिटिल-को-एंज़ाइम-A के रूप में होता है। इसी के साथ NADH2 तथा CO2 के दो अणु मुक्त होते हैं।
  4. अगले चरण में, TCA चक्र में एसिटिल-को-एंज़ाइम-A के अणु तंतु कोशिका में प्रवेश करते हैं और एक चक्रीय श्रृंखला प्रतिक्रिया आरंभ हो जाती है। इस चक्रीय प्रतिक्रिया के दौरान एसिटिल-को-एंज़ाइम-A के एसिटिल भाग का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है। इस प्रक्रिया में CO2, H2O, NADH2, FADH2 तथा ATP के अणु मुक्त होते हैं।
  5. तीसरे चरण में ETC प्रतिक्रिया के दौरान, पहले दो चरणों में बने NADH2 तथा FADH2 का उपयोग ATP अणु प्राप्त करने के लिए किया जाता है। प्रत्येक NADH2 अणु से 3 ATP अणु प्राप्त होते हैं और प्रत्येक FADH2 अणु से 2 ATP अणु बनते हैं।
  6. इस प्रकार ग्लूकोज़ के एक अणु का ऑक्सीकरण ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने पर ATP के 38 अणु उत्पन्न होते हैं। इस प्रकार कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा प्राप्त की जाती है।
  7. दैनिक आहार में कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में होने पर प्रोटीन या वसा का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाता है। वसा अम्ल वसा से टूटकर बनते हैं और प्रोटीन से अमीनो अम्ल टूटते हैं। इसके बाद अमीनो अम्ल का रूपांतरण एसिटिल-को-एंज़ाइम-A के रूप में किया जाता है। इस प्रकार पुनः TCA चक्र द्वारा एसिटिल-को-एंज़ाइम-A से ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है।  
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