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Question
‘ज्ञान की पूँजी बनाना चाहिए’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
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Solution
ज्ञान मनुष्य की सबसे बड़ी संपत्ति है। धन-दौलत, पद-प्रतिष्ठा और भौतिक वस्तुएँ समय के साथ नष्ट हो सकती हैं, परंतु ज्ञान कभी नष्ट नहीं होता। ज्ञान व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारता है, सोच को विस्तृत करता है और जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है।
जिस प्रकार कोई व्यक्ति धन जमा करके भविष्य सुरक्षित करता है, उसी प्रकार ज्ञान की पूँजी बनाना हमारे जीवन को सुरक्षित, समृद्ध और सफल बनाता है। ज्ञान से आत्मविश्वास बढ़ता है, विचारों में प्रगल्भता आती है और व्यक्ति समाज में सम्मान प्राप्त करता है।
ज्ञान हमें कठिन परिस्थिति में मार्ग दिखाता है और समस्याओं का समाधान करने की शक्ति देता है। यह हमें विवेकवान, संवेदनशील और जिम्मेदार बनाता है। ज्ञान की पूँजी जितनी बढ़ती है, उतना ही व्यक्ति का जीवन उज्ज्वल होता जाता है।
इसलिए हमें निरंतर पढ़ते रहना चाहिए, सीखते रहना चाहिए और अपने अनुभवों से भी ज्ञान अर्जित करते रहना चाहिए। यही ज्ञान हमारे जीवन की अमूल्य पूँजी है, जो हर कदम पर हमारा साथ देती है।
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सरसुति के भंडार की, बड़ी अपूरब बात। नैना देत बताय सब, हिय को हेत-अहेत। अपनी पहुँच बिचारि कै, करतब करिए दौर। फेर न ह्वै हैं कपट सों, जो कीजै ब्यौपार। ऊँचे बैठे ना लहैं, गुन बिन बड़पन कोइ। उद्यम कबहुँ न छाँड़िए, पर आसा के मोद। |
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