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Question
जब हम एक बीकर में लिए गए कॉपर ऑक्साइड की थोड़ी मात्रा में धीरे-धीरे तथा विलोडन के साथ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाते हैं, तो विलयन के रंग में परिवर्तन निम्नलिखित में से किसके बनने के कारण होता है?
Options
कॉपर (II) ऑक्साइड, जिसका रंग काला है।
कॉपर (I) क्लोराइड, जिसका रंग नीला है।
कॉपर (II) क्लोराइड, जिसका रंग नीला हरा है।
कॉपर (I) ऑक्साइड, जिसका रंग काला है।
MCQ
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Solution
कॉपर (II) क्लोराइड, जिसका रंग नीला हरा है।
स्पष्टीकरण:
जब काला कॉपर (II) ऑक्साइड तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो एक उदासीनीकरण अभिक्रिया होती है। कॉपर ऑक्साइड घुलकर कॉपर (II) क्लोराइड (CuCl2) और जल बनाता है, जिससे प्राप्त विलयन का रंग एक विशिष्ट नीला-हरा हो जाता है।
इस अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण इस प्रकार है:
\[\ce{CuO_{(s)} + 2HCl_{(aq)} -> CuCl2_{(aq)} + H2O_{(l)}}\]
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