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Question
जैसे बादल उमड़-घुमड़कर बारिश करते हैं वैसे ही कवि के अंतर्मन में भी भावों के बादल उमड़-घुमड़कर कविता के रूप में अभिव्यक्त होते हैं। ऐसे ही किसी प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर अपने उमड़ते भावों को कविता में उतारिए।
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Solution
इस प्रश्न का उत्तर छात्र स्वयं दें।
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कवि बादल से फुहार, रिमझिम या बरसने के स्थान पर 'गरजने' के लिए कहता है, क्यों?
कविता का शीर्षक उत्साह क्यों रखा गया है?
कवि ने क्रांति लाने के लिए किसका आह्वान किया है और क्यों?
कवि युवा कवियों से क्या आवान करता है?
कवि ने ‘नवजीवन’ का प्रयोग बादलों के लिए भी किया है। स्पष्ट कीजिए।
बादल आने से पूर्व प्राणियों की मनोदशा का चित्रण कीजिए।
कवि निराला बादलों में क्या-क्या संभावनाएँ देखते हैं?
कवि ने बादलों के किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया है, स्पष्ट कीजिए।
‘उत्साह’ कविता के शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
‘उत्साह’ कविता के काव्य-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए।
‘निराला’ ने ‘उत्साह’ कविता के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के क्या संदेश दिए हैं? तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कवि ने बादलों के विविध रूपों का चित्रण किया है? उनका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'उत्साह' कविता क्रांति और बदलाव की कविता किस प्रकार है? किन्हीं दो बिंदुओं से स्पष्ट कीजिए।
विश्व के सभी जन गर्मी और अन्याय से किस मनोदशा में थे? 'उत्साह' कविता के आधार पर लिखिए -
