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हालाँकि CO2 तथा H2O दोनों त्रिपरमाणुक अणु हैं, परंतु H2O अणु की आकृति बंकित होती है, जबकि CO2 की रैखिक आकृति होती है। द्विध्रुव आघूर्ण के आधार पर इसकी व्याख्या कीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

हालाँकि CO2 तथा H2O दोनों त्रिपरमाणुक अणु हैं, परंतु H2O अणु की आकृति बंकित होती है, जबकि CO2 की रैखिक आकृति होती है। द्विध्रुव आघूर्ण के आधार पर इसकी व्याख्या कीजिए।

Answer in Brief
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Solution

H2O अणु-H2O अणु का द्विध्रुव आघूर्ण 1.84D होता है। H2O अणु में दो OH आबंध होते हैं। ये O–H आबंध ध्रुवी होते हैं तथा इनका द्विध्रुव आघूर्ण 1.5 D होता है। चूँकि जल-अणु में परिणामी द्विध्रुव होता है; अत: दोनों OH-द्विध्रुव एक सरल रेखा में नहीं होंगे तथा एक-दूसरे को समाप्त नहीं करेंगे। इस प्रकार H2O अणु की रैखिक संरचना नहीं होती। H2O अणु में O–H आबंध परस्पर एक निश्चित कोण पर स्थित होते हैं अर्थात् H2O अणु की कोणीय संरचना होती है।

CO2 अणु-CO2 अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य होता है। CO2 अणु में दो C=O आबंध होते हैं। प्रत्येक C=O आबंध एक ध्रुवी आबंध है। इसका अर्थ है कि प्रत्येक आबंध में द्विध्रुव आघूर्ण होता है। चूँकि CO2 अणु का परिणामी द्विध्रुव आघूर्ण शून्य होता है; अतः दोनों आबंध द्विध्रुव अर्थात् दोनों आबंध एक-दूसरे के विपरीत होने चाहिए अर्थात् दोनों आबंध एक-दूसरे से 180° पर स्थित होने चाहिए। इस प्रकार स्पष्ट है कि CO2 अणु की संरचना रैखिके होती है।

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आण्विक कक्षक सिद्धांत - आण्विक कक्षकों का निर्माण - परमाणु-कक्षकों का रैखिक संयोग
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