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हाइड्रोजन परॉक्साइड के ऑक्सीकारक एवं अपचायक रूप को अभिक्रियाओं द्वारा समझाइए।

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Question

हाइड्रोजन परॉक्साइड के ऑक्सीकारक एवं अपचायक रूप को अभिक्रियाओं द्वारा समझाइए।

Answer in Brief
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Solution

हाइड्रोजन परॉक्साइड के अपघटन के दौरान ऑक्सीकरण-अवस्था परिवर्तन निम्नवत् दर्शाया जा सकता है-

चूँकि H2O2 में उपस्थित ऑक्सीजन परमाणुओं की ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि तथा कमी दोनों होती हैं; इसलिए यह अपचायक तथा ऑक्सीकारक दोनों की भाँति कार्य कर सकता है। इसे निम्नलिखित अभिक्रियाओं द्वारा समझा जा सकता है-

  1. अम्लीय माध्यम H2O2 में ऑक्सीकारक के रूप में-
    \[\ce{2Fe^2+(aq) + 2H+(aq) + H2O2(aq) -> 2Fe^3+(aq) + 2H2O(l)}\]
    \[\ce{PbS(s) + 4H2O2(aq) -> PbSO4(s) +4H2O(l)}\]
  2. अम्लीय माध्यम में H2O2 अपचायक के रूप में-
    \[\ce{2MnO^-_4(aq) + 6H+(aq) + 5H2O2 -> 2Mn^2+(aq) + 8H2O(l) + 5O2(g)}\]
    \[\ce{HOCl + H2O2 -> H3O+Cl- + O2(g)}\]
  3. क्षारीय माध्यम H2O2 में ऑक्सीकारक के रूप में-
    \[\ce{2Fe^2+ + H2O2 -> 2Fe^3+ + 2OH-}\]
    \[\ce{Mn^2+ + H2O2 -> Mn^4+ + 2OH-}\]
  4. क्षारीय माध्यम H2O2 में अपचायक के रूप में-
    \[\ce{I2 + H2O2 + 2OH- -> 2I- + 2H2O + O2\uparrow}\]
    \[\ce{2MnO^-_4 + 3H2O2 -> 2MnO2 + 3O2\uparrow + 2H2O + 2OH-}\]
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हाइड्रोजन पेरॉक्साइड
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