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Question
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए:
'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर लिखिए कि बाज़ार की कृतार्थता किसमें है? इसे कृतार्थता कैसे लोग प्रदान करते हैं?
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Solution
बाज़ार की असली कृतार्थता तब है जब वह आवश्यकता के समय काम आए। मन खाली रखने का मतलब मन को बंद करना नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि मन बाज़ार की चीजों से प्रभावित होता रहता है। बाज़ार तभी सार्थक है जब वह मनुष्य की जरूरतों को पूरा करके उसका जीवन सरल बनाए। इसे कृतार्थता ऐसे लोग प्रदान करते हैं जो अपनी आवश्यकताओं को पहचानकर और अतिरेक से बचते हुए वस्त्र, भोजन, या अन्य वस्तुओं को खरीदते हैं। वे बाज़ार को केवल उपभोग और दिखावे का माध्यम नहीं बनाते, बल्कि इसे जरूरतों को पूरा करने का साधन मानते हैं। इस प्रकार, बाज़ार अपनी भूमिका को सही मायनों में तब निभाता है, जब लोग इसे समझदारी से उपयोग करते हैं। परमात्मा सभी जगह विद्यमान हैं, और केवल उन्हें ही शून्य होने का अधिकार है। मनुष्य अपूर्ण है क्योंकि उसके भीतर तृष्णा का समावेश होता है।
