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Question
एक चुम्बकीय द्विध्रुव दो चुम्बकीय-क्षेत्रों के प्रभाव में है। ये क्षेत्र एक-दूसरे से 60° का कोण बनाते हैं और उनमें से एक क्षेत्र का परिमाण 12 x 10-2 T है। यदि द्विध्रुव स्थायी सन्तुलन में इस क्षेत्र से 15° का कोण बनाए, तो दूसरे क्षेत्र का परिमाण क्या होगा ?
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Solution

दिया है, B1 = 1.2 × 10-2 T, B2 = ?
∵ द्विध्रुव एक क्षेत्र से 15° का कोण बनाता है; अतः दूसरे क्षेत्र से 45° का कोण बनाएगा।
सन्तुलन की स्थिति में दोनों के कारण द्विध्रुव पर कार्यरत बल -युग्म के आघूर्ण परस्पर सन्तुलित हो जाएँगे।
∴ MB1 sin 15° = MB2 sin 45°
`=> "B"_2 = ("B"_1 sin 15°)/(sin 45°)`
`= (1.2 xx 10^-2 xx 0.2588)/0.707`
= 4.39 × 10-3 T
= 4.4 × 10-3 T
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चुंबकीय आघूर्ण M = 0.32 JT-1 वाला एक छोटा छड़ चुंबक, 0.15 T के एकसमान बाह्य चुंबकीय क्षेत्र में रखा है। यदि यह छड़ क्षेत्र के तल में घूमने के लिए स्वतंत्र हो तो क्षेत्र के किस विन्यास में यह
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