Advertisements
Advertisements
Question
एक 50 g द्रव्यमान की गोली 4 kg द्रव्यमान की रायफल से 35 m/s −1 के प्रारंभिक वेग से छोड़ी जाती है। रायफ़ल के प्रारंभिक प्रतिक्षेपित वेग की गणना कीजिए।
Advertisements
Solution
राइफल का प्रतिक्षेपित वेग = ?
दिया गया राइफल का द्रव्यमान = 4kg
गोली का द्रव्यमान = 50g
= 0.05 kg
गोली का वेग = 35m/s
संवेग संरक्षण के नियमानुसार
राइफल का संवेग = गोली का संवेग (संवेग = वस्तु काद्रव्यमान × वस्तु का वेग)
4 × राइफल का प्रतिक्षेपित वेग = 0.05 × 35
राइफल का प्रतिक्षेपित वेग = `0.05 xx 35/4`
= 0.4375 ms
RELATED QUESTIONS
100g और 200 g द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमशः 2 ms−1 और 1 ms−1 की वेग से गति कर रही हैं। दोनों वस्तुएँ टकरा जाती हैं। टक्कर के पश्चात् प्रथम वस्तु का वेग 1.67 ms−1 हो जाता है तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें।
बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?
एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें:
- नेट त्वरण बल तथा
- रेल का त्वरण
200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 m s−1 से गति कर रही है। यह एक हॉकी स्टिक से इस प्रकार टकराती है कि यह 5 m s−1 के वेग से अपने प्रारंभिक मार्ग पर वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा आरोपित बल द्वारा हॉकी की गेंद में आये संवेग परिवर्तन के परिमाण का परिकलन कीजिए।
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6 s में 5 m/s−1 से 8 m/s−1 हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।
एक 10 kg द्रव्यमान की घंटी 80 cm की ऊँचाई से फ़र्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फ़र्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms2 लें।
`2/3` ऊंचाई तक जल से भरा कोई टैंकर एकसमान चाल से गतिमान है। अचानक में भरा जल लगाने पर टैंक में भरा जल -
आपके पास एल्युमिनियम, स्टील तथा लकड़ी के बने समान आकृति तथा समान आयतन के तीन ठोस हैं। इनमें से किसका जड़त्व सबसे अधिक है?
मान लीजिए m द्रव्यमान की कोई गेंद आरंभिक चाल v से ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंकी गई है। उसकी चाल निरंतर शून्य होने तक घटती जाती है। इसके पश्चात् गेंद नीचे गिरने लगती है तथा पृथ्वी पर गिरने से पूर्व वह पुनः v चाल प्राप्त कर लेती है। इससे यह ध्वनित होता है कि गेंद के आरंभिक तथा अंतिम संवेग परिमाण में समान हैं। तथापि, यह संवेग संरक्षण नियम का उदाहरण नहीं है। स्पष्ट कीजिए, क्यों?
M द्रव्यमान के किसी ट्रक को F बल द्वारा प्रचालित किया गया है। यदि अब इस ट्रक पर ट्रक के द्रव्यमान के बराबर द्रव्यमान का कोई पिंड लादा जाता है तथा चालक बल आधा कर दिया जाता है, तो त्वरण में क्या परिवर्तन होगा?
