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द्वितीयक अथवा तृतीयक ऐल्कोहॉलों के अम्लीय निर्जलन द्वारा ईथरों को बनाने की विधि उपयुक्त नहीं है। कारण बताइए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

द्वितीयक अथवा तृतीयक ऐल्कोहॉलों के अम्लीय निर्जलन द्वारा ईथरों को बनाने की विधि उपयुक्त नहीं है। कारण बताइए।

Chemical Equations/Structures
Give Reasons
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Solution

प्राथमिक ऐल्कोहॉलों का ईथरों में अम्लीय निर्जलन SN2 क्रियाविधि द्वारा होता है जिसमें ऐल्कोहॉल अणु का नाभिकरागी आक्रमण प्रोटॉनीकृत ऐल्कोहॉल अणु पर होता है।

\[\ce{CH3CH2CH2\overset{\bullet\bullet}{\underset{\bullet\bullet}{O}}H + CH3CH2CH2 - \overset{+}{\underset{\bullet\bullet}{O}}\overset{+}{H} ->[S_{N}2][-H^+, -H2O] CH3CH2CH2 - O - CH2CH2CH3}\]

इन परिस्थितियों में द्वितीयक तथा तृतीयक ऐल्कोहॉल ईथरों के स्थान पर ऐल्कीन देते हैं। प्रोटॉनीकृत ऐल्कोहॉल अणु पर ऐल्कोहॉल अणु का नाभिकस्नेही आक्रमण नहीं होता है। इसके स्थान पर प्रोटॉनीकृत द्वितीयक तथा तृतीयक ऐल्कोहॉल जल का एक अणु खोकर स्थायी 2° तथा 3° कार्बोधनायन बनाते हैं। ये कार्बोधनायन वरीयता से H+ खोकर ऐल्कीन बनाते हैं।

\[\begin{array}{cc}
\phantom{......}\ce{CH3}\phantom{..................}\ce{CH3}\phantom{.........................}\ce{CH3}\phantom{..}\\
\phantom{....}|\phantom{......................}|\phantom{............................}|\phantom{...}\\
\ce{\underset{\underset{{(2° ऐल्कोहॉल)}}{{प्रोपेन-2-ऑल}}}{CH3 - CH - OH} ->[H^-] \underset{{प्रोटॉनीकृत 2° ऐल्कोहॉल}}{CH3 - CH - \overset{+}{O}H2} ->[][-H2O] \underset{{2° कार्बोधनायन}}{CH3 - CH^+}}
\end{array}\]

 

\[\begin{array}{cc}
\phantom{.}\ce{CH3}\phantom{......}\ce{CH3}\phantom{.........................}\ce{CH3}\phantom{..................}\\
|\phantom{..........}|\phantom{.............................}|\phantom{....................}\\
\ce{\underset{{2-प्रोपॉक्सी-2-प्रोपेन}}{CH3 - CH - O - CH - CH3} ->[CH3CHOCH3][-H^+] CH3 - CH^+ ->[][-H^+] \underset{{प्रोपीन}}{CH3 - CH = CH2}}
\end{array}\]

 

समान प्रकार से 3° ऐल्कोहॉल ईथरों के स्थान पर ऐल्कीन देते हैं।

\[\ce{\underset{\underset{{(3° ऐल्कोहॉल)}}{{2-मेथिलप्रोपेन-2-ऑल}}}{(CH3)3C - OH} ->[H^+] \underset{\underset{{(3° ऐल्कोहॉल)}}{{प्रोटॉनीकृत 2-मेथिलप्रोपेन-2-ऑल}}}{(CH3)3C - \overset{+}{O}H2} ->[][-H2O] \underset{{3° ब्यूटिल कार्बोधनायन}}{(CH3)3C^+}}\]

 

\[\begin{array}{cc}
\phantom{.....}\ce{CH3}\phantom{.....}\ce{CH3}\phantom{.......................}\ce{CH3}\phantom{............}\ce{CH3}\phantom{.....}\\
\phantom{.......}|\phantom{.........}|\phantom{..........................}|\phantom{................}|\phantom{..........}\\
\ce{CH3 - C - O - C - CH3 ->[(CH3)3COH][-H^+] CH3 - C^+ ->[][-H^+] \underset{{2-मेथिलप्रोप-1-ईन}}{CH3 - CH = CH2}}\\
\phantom{.....}|\phantom{.........}|\phantom{..........................}|\phantom{.........................}\\
\phantom{....}\ce{\underset{{2-मेथिल-2-(2-मेथिल-2-प्रोपॉक्सी) प्रोपेन}}{\phantom{..}CH3\phantom{.....}CH3}}\phantom{....}\ce{\underset{{3° ब्यूटिल कार्बोधनायन}}{CH3}}\phantom{.................}
\end{array}\]

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ईथरों का विरचन
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Chapter 7: ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर - अभ्यास [Page 230]

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NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 7 ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q 7.27 | Page 230

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