English

दो कारण बताएँ कि क्यों सिर्फ़ जाति के आधार पर भारत में चुनावी नतीजे तय नहीं हो सकते? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

दो कारण बताएँ कि क्यों सिर्फ़ जाति के आधार पर भारत में चुनावी नतीजे तय नहीं हो सकते?

Answer in Brief
Advertisements

Solution

भारत में जाति व्यवस्था भी धर्म की तरह चुनावों को प्रभावित करती है किंतु केवल जाति के आधार पर ही चुनावी नतीजे तय नहीं हो सकते

  1. देश के किसी भी एक संसदीय चुनाव क्षेत्र में किसी एक जाति के लोगों का बहुमत नहीं है। इसलिए हर पार्टी और । उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए एक जाति और समुदाय से ज्यादा लोगों का भरोसा हासिल करना होता है।
  2. कोई भी पार्टी किसी एक जाति या समुदाय के सभी लोगों का वोट हासिल नहीं कर सकती। जब लोग किसी जाति विशेष को किसी एक पार्टी का वोट बैंक’ कहते हैं तो इसका मतलब यह होता है कि उस जाति के ज्यादातर लोग उसी पार्टी को वोट देते हैं।

इस प्रकार चुनाव में जाति की भूमिका महत्त्वपूर्ण तो होती है किंतु दूसरे कारण भी महत्त्वपूर्ण होते हैं। मतदाताओं का लगाव जाति के साथ-साथ राजनीतिक दलों से भी होता है। सरकार के काम-काज के बारे में लोगों की राय और नेताओं की लोकप्रियता का चुनावों पर निर्णायक असर होता है।

shaalaa.com
जाति और राजनीति
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

बताइए कि भारत में किस तरह अभी भी जातिगत असमानताएँ जारी हैं?


भारत में यहाँ औरतों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है।


भारतीय संविधान के बारे में कौन सा कथन गलत है?


______ पर आधारित सामाजिक विभाजन सिर्फ भारत में ही है।


सूची I और सूची II का मेल कराएँ और नीचे दिए गए कोड के आधार पर सही जवाब खोजें।

  सूची I सूची II
1. अधिकारों और अवसरों के मामले में स्त्री और पुरुष की बराबरी मानने वाला व्यक्ति सांप्रदायिक
2. धर्म को समुदाय का मुख्य आधार मानने वाला व्यक्ति नारीवादी
3. जाति को समुदाय का मुख्य आधार मानने वाला व्यक्ति धर्मनिरपेक्ष
4. व्यक्तियों के बीच धार्मिक आस्था के आधार पर भेदभाव न करने वाला व्यक्ति जातिवादी

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×