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Question

दो आदर्श डायोडों एवं तीन प्रतिरोधकों के नेटवर्क में सिरों A एवं B के बीच प्रत्यावर्ती (ac) वोल्टता Vi = 12 sin (100 πt) V चित्र में दर्शाए अनुसार लगाई गई है।
निवेशी वोल्टता Vi के धनात्मक अर्ध-चक्र के दौरान:
- पहचानिए कि दोनों में से किस डायोड से होकर धारा प्रवाहित होगी और क्यों?
- धारा प्रवाह दर्शाने के लिए इस परिपथ का एक तुल्य परिपथ आरेख बनाइए।
- जब निवेशी वोल्टता अपने शिखर मान पर होती है उस क्षण तीनों प्रतिरोधकों में से प्रत्येक के सिरों के बीच निर्गत वोल्टता-पात V0 का परिकलन कीजिए।
Diagram
Long Answer
Numerical
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Solution
a. धनात्मक अर्ध-चक्र के दौरान:
A, B के सापेक्ष धनात्मक है।
डायोड D1 विपरीत अभिनत होता है।
डायोड D2 अग्र अभिनत हो जाता है।
D2 में धारा प्रवाहित होती है क्योंकि वह अग्र अभिनत है।
b.

c. उच्चतम निवेश वोल्टता:
Req = `3/2` kΩ
I = `12/(3//2)`
= `(12 xx 2)/3`
= `24/3`
= 8 mA
R(1Ω) = 1 × 4 mA
= 4 V
R(2kΩ) = 2 kΩ × 4 mA
= 8 V
V(3kΩ) = 4 mA × 3 kΩ
= 12 V
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