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दिनांक सूर्योदय सूर्यास्त दिनमान रात्रिमान जानकारी का स्रोत १९ जून २० जून २१ जून २२ जून २३ जून २४ जून २५ जून 2६ जून २७ जून २८ जून - Geography [भूगोल]

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Question

दिनांक सूर्योदय सूर्यास्त दिनमान रात्रिमान जानकारी का स्रोत
१९ जून          
२० जून          
२१ जून          
२२ जून          
२३ जून          
२४ जून          
२५ जून          
2६ जून          
२७ जून          
२८ जून          
  1. तालिका के अंकन के आधार पर सबसे बड़ा दिन बताओ।
  2. रात्रिमान में प्रतिदिन कौन-सा परिवर्तन दिखाई देता है? यह परिवर्तन किस कारण होता होगा? इसका अनुमान करो।
  3. रात्रिमान निकालते समय तुम्हें क्या करना पड़ा?
  4. किन दो दिनों का दिन और रात समान होते हैं?
  5. दिनमान और रात्रिमान में उत्पन्न होने वाला अंतर तुमने तालिका के आधार पर देखा। ऐसा अंतर पृथ्वी के ऊपर सर्वत्र उत्पन्न होता होगा क्या? इसका अनुमान करो।
  6. सितंबर और दिसंबर महीने में १९ से २८ दिनों के दिनमान की कालावधि को निम्नानुसार कॉपी में लिखो।
Complete the Table
Long Answer
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Solution

दिनांक सूर्योदय सूर्यास्त दिनमान रात्रिमान जानकारी का स्रोत
१९ जून ५:३०  AM ७:१५ PM १३ घंटे ४५  मिनट १० घंटे १५  मिनट खगोलीय कैलेंडर
२० जून  ५:३०  AM ७:१५ PM १३ घंटे ४६   मिनट १० घंटे १४   मिनट खगोलीय कैलेंडर
२१ जून  ५:३०  AM ७:१७  PM १३ घंटे ४६   मिनट १० घंटे १३  मिनट खगोलीय कैलेंडर
२२ जून  ५:३१   AM ७:१७ PM १३ घंटे ४६   मिनट १० घंटे १४  मिनट खगोलीय कैलेंडर
२३ जून ५:३१  AM ७:१७ PM १३ घंटे ४६   मिनट १० घंटे १४  मिनट खगोलीय कैलेंडर
२४ जून ५:३१  AM ७:१६  PM १३ घंटे ४५   मिनट १० घंटे १५  मिनट खगोलीय कैलेंडर
२५ जून ५:३२   AM ७:१६ PM १३ घंटे ४४    मिनट १० घंटे १6   मिनट खगोलीय कैलेंडर
2६ जून ५:३२  AM ७:१५  PM १३ घंटे ४३   मिनट १० घंटे १७  मिनट खगोलीय कैलेंडर
२७ जून ५:३३   AM ७:१४  PM १३ घंटे ४१    मिनट १० घंटे १९  मिनट खगोलीय कैलेंडर
२८ जून ५:३३ AM ७:१४ PM १३ घंटे ४१    मिनट १० घंटे १९  मिनट खगोलीय कैलेंडर
  1. तालिका के अनुसार, २१ जून सबसे बड़ा दिन होता है। इस दिन सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लंबवत पड़ती हैं, जिससे दिन की अवधि सबसे अधिक और रात की अवधि सबसे कम होती है।

  2. रात्रिमान में प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा बढ़ाव होता है। जैसे-जैसे दिनमान कम होता है, रात्रिमान बढ़ने लगता है। यह परिवर्तन पृथ्वी की धुरी के झुकाव (२३.५°) और सूर्य के चारों ओर इसकी परिक्रमण के कारण होता है।

  3. पृथ्वी की धुरी झुकी हुई होने के कारण सूर्य की किरणें पूरे वर्ष एक समान सभी स्थानों पर नहीं पड़तीं। इसी कारण दिन और रात की लंबाई में परिवर्तन होता है। विशेष रूप से, गर्मियों में दिन लंबे और रातें छोटी होती हैं, जबकि सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी हो जाती हैं।

  4. रात्रिमान निकालने के लिए हमें दिनमान (दिन की अवधि) को २४ घंटों में से घटाना पड़ा।
    सूत्र:
    रात्रिमान = २४ घंटे - दिनमान दिन और रात २१ मार्च (वसंत विषुव) और २३ सितंबर (शरद विषुव) को समान होते हैं। इन दिनों को विषुव कहा जाता है, जब सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर लंबवत पड़ती हैं।
  5. हाँ, ऐसा अंतर पृथ्वी के ऊपर सर्वत्र उत्पन्न होता है। यह अंतर पृथ्वी के गोलाकार आकार, धुरी के झुकाव (२३.५°), और सूर्य के चारों ओर परिक्रमण के कारण होता है। भूमध्य रेखा के पास दिन और रात का अंतर कम होता है।ध्रुवों के पास यह अंतर अधिक होता है, जहां सर्दियों में ६ महीने रात और गर्मियों में ६ महीने दिन रहता है।
  6. सितंबर और दिसंबर महीने के १९ से२८  दिनों का दिनमान और रात्रिमान क्षेत्रीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करेगा। आप इनकी जानकारी स्थानीय खगोलीय कैलेंडर या वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं।

उदाहरण:

  • १९ सितंबर: सूर्योदय ६:०० AM, सूर्यास्त ६:०० PM → दिनमान = १२ घंटे, रात्रिमान = १२ घंटे
  • 21 दिसंबर: सूर्योदय ७:१० AM, सूर्यास्त ५:१० PM → दिनमान = १० घंटे, रात्रिमान = १४ घंटे
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Chapter 1: ऋतुनिर्मिति (विभाग - १) - बताओ तो [Page 176]

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Balbharati Bhugol Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 1 ऋतुनिर्मिति (विभाग - १)
बताओ तो | Q १. | Page 176
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