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Question
‘दाता होगा तो दे देगा, खाता होगा तो खाएगा’ इस पंक्ति से स्पष्ट होने वाला अर्थ लिखिए।
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Solution
फूल को केवल अपने स्वाभिमान से मतलब है। उसे किसी चीज को पाने अथवा खो जाने की चिंता नहीं है। जो मिलना होगा, मिलेगा और जो नुकसान होगा, होगा। उसे उसकी चिंता नहीं है।
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RELATED QUESTIONS
कृति पूर्ण कीजिए :
फूल बेचना नहीं चाहता
१. ______
२. ______
३. ______
४. ______
लिखिए :
फूल को बिक जाने से भी बेहतर लगता है
लिखिए :
फूल के अनुसार उसे तोड़ने का पहला अधिकार इन्हें है
कृति पूर्ण कीजिए :

सूची बनाइए :
इनका फूल से संबंध है -
- ______
- ______
- ______
- ______
कारण लिखिए :
फूल अपनी सौगंध नहीं बेचेगा
कारण लिखिए:
फूल को मौसम से कुछ लेना नहीं है
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
- रचनाकार का नाम
- रचना का प्रकार
- पसंदीदा पंक्ति
- पसंदीदा होने का कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
जिस डाली ने गोद खिलाया जिस कोंपल ने दी अरुणाई लछमन जैसी चौकी देकर जिन काँटों ने जान बचाई इनको पहिला हक आता है चाहे मुझको नोचें-तोड़ें चाहे जिस मालिन से मेरी पँखुरियों के रिश्ते जोड़ें ओ मुझपर मँड़राने वालो मेरा मोल लगाने वालो जो मेरा संस्कार बन गई वो सौगंध नहीं बेचूँगा। अपनी गंध नहीं बेचूँगा।। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए- (1)
- गंध - ______
- हक - ______
(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)
मेरा मोल लगाने वालो।
(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ लिखिए- (2)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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मुझको मेरा अंत पता है पँखुरी-पँखुरी झर जाऊँगा लेकिन पहिले पवन परी संग एक-एक के घर जाऊँगा भूल-चूक की माफी लेगी सबसे मेरी गंध कुमारी उस दिन ये मंडी समझेगी किसको कहते हैं खुद्दारी बिकने से बेहतर मर जाऊँ अपनी माटी में झर जाऊँ मन ने तन पर लगा दिया जो वो प्रतिबंध नहीं बेचूँगा। |
(1) सूचनानुसार लिखिए- (2)
- ऐसी पंक्ति जिसमें आत्मसम्मान की बात है - ______
- ऐसी पंक्ति जिसमें माफी माँगने का संदर्भ है - ______
(2) जीवन की सार्थकता पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
