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Question
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों का चयन करके लिखिए:
| चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए। घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी। तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे। |
- मनुष्य की वास्तविक सफलता क्या है? [1]
- सिर्फ स्वयं का उत्थान
- सिर्फ समाज का उत्थान
- स्वयं के साथ समाज का उत्थान
- साथ चलने वालों का उत्थान
- इच्छित मार्ग की ओर कैसे बढ़ना चाहिए? [1]
- तेज़ी के साथ
- शांति के साथ
- खुशी के साथ
- गर्व के साथ
- जीवन-पथ पर आगे बढ़ते हुए किस बात का ध्यान रखना चाहिए? [1]
- हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना।
- स्वयं से अधिक दूसरों के सामर्थ्य पर भरोसा करना।
- पथ में सिर्फ समान विचारधारा वाले लोगों को साथ लेना।
- भिन्न विचार रखने वालों से दूर रहने का प्रयास करना।
- ‘मानव जीवन की सार्थकता स्वयं के साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने में है’ - यह भाव किस पंक्ति में है? [1]
- घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी
- अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हो सभी
- तभी समर्थ भाव है कि तारता हुए तरे
- वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे
- निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए: [1]
कथन: हर तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र का विकास करना चाहिए।
कारण: सम्मिलित प्रयास से हुआ विकास अस्थाई प्रकृति का होता है।
विकल्प:- कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- कथन सही है, लेकिन कारण कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
Comprehension
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Solution
- (C) स्वयं के साथ समाज का उत्थान
- (C) खुशी के साथ
- (A) हर तरह के लोगों के साथ मिल-जुलकर आगे बढ़ना।
- (D) वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे
- (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
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