English

चित्र में 4 kg संहति के किसी पिण्ड का स्थिति-समय ग्राफ दर्शाया गया है। t < 0 ; t > 4 s ; 0 < t,< 4 s के लिए पिण्ड पर आरोपित बल क्या है? t = 0 तथा t = 4 s पर आवेग क्या है? - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

चित्र में 4 kg संहति के किसी पिण्ड का स्थिति-समय ग्राफ दर्शाया गया है।

  1.  t < 0 ; t > 4 s ; 0 < t,< 4 s के लिए पिण्ड पर आरोपित बल क्या है?
  2. t = 0 तथा t = 4 s पर आवेग क्या है? (केवल एकविमीय गति पर विचार कीजिए)

Long Answer
Advertisements

Solution


    1. t<0 के लिए, समय के सापेक्ष स्थिति का ग्राफ BO के रूप में दर्शाया गया है, जो यह संकेत देता है कि कण का विस्थापन शून्य है, अर्थात् कण मूल पर स्थिर है। इसलिए, कण पर लगाया गया बल भी शून्य होना चाहिए।
    2. t > 4 s के लिए, समय के सापेक्ष स्थिति का ग्राफ खंड AC समय अक्ष के समानांतर चलता है, जिसका अर्थ है कि कण मूल से 3 मीटर की दूरी पर एक स्थिर स्थिति बनाए रखता है, यह दर्शाता है कि वह स्थिर है। इसलिए, कण पर कार्यरत बल शून्य है।
    3. 0 < t < 4 s के बीच, समय-स्थिति ग्राफ जिसे OA के रूप में लेबल किया गया है, एक स्थिर ढलान दिखाता है, जिसका अर्थ है कि इस अंतराल के दौरान कण की वेग स्थिर रहती है, यानी कण का त्वरण शून्य है। नतीजतन, कण पर लगने वाला बल भी शून्य होना चाहिए।
  1. t = 0 से पूर्व पिंड का वेग, ν1 = 0
    t = 0 के तुरंत बाद पिण्ड का वेग ν2 = ग्राफ OA का ढाल
    = `(3-0)/(4-0) = 3/4` m s-1 
    ∴ t = 0    आवेग = संवेग - परिवर्तन
    = `"m""ν"_2  - "m""ν"_1`
    = `4 "kg" xx 3/4 "m""s"^-1 - 4 "kg" xx 0`
    = 3 kg ms-1
    पुनः t = 4 s के ठीक पहले वेग, 
    `"ν"_1 = 3/4 "m" "s"^-1` (t = 0 से t = 4s तक वेग नियत है)
    तथा t = 4s के ठीक बाद वेग ν2 = 0
    ∴ t = 4s पर आवेग = संवेग - परिवर्तन
    = `"m""ν"_2 - "m""ν"_1`
    = `4  "kg" xx 0 - 4  "kg" xx 3/4  "m""s"^-1`
    = -3 kg ms-1
shaalaa.com
न्यूटन के गति संबंधी नियम - न्यूटन का गति का तृतीय नियम
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: गति के नियम - अभ्यास [Page 71]

APPEARS IN

NCERT Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 4 गति के नियम
अभ्यास | Q 4.14 | Page 71

RELATED QUESTIONS

3.0 kg संहति के किसी पिण्ड पर आरोपित कोई बल 25 s में उसकी चाल को 2.0 ms -1 से 3.5 ms-1 कर देता है। पिण्ड की गति की दिशा अपरिवर्तित रहती है। बल का परिमाण व दिशा क्या है?


कोई रेलगाड़ी बिना ढाल वाले 30 m त्रिज्या के वृत्तीय मोड़ पर 54 kmh-1 की चाल से चलती है। रेलगाड़ी की संहति 106 kg है। इस कार्य को करने के लिए आवश्यक अभिकेंद्र बल कौन प्रदान करता है, इंजन अथवा पटरियाँ ? पटरियों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए मोड़ का ढाल-कोण कितना होना चाहिए?


चित्र में दर्शाए अनुसार 50 kg संहति का कोई व्यक्ति 25 kg संहति के किसी गुटके को दो भिन्न ढंग से उठाता है। दोनों स्थितियों में उस व्यक्ति द्वारा फर्श पर आरोपित क्रिया-बल कितना है? यदि 700 N अभिलम्ब बल से फर्श धंसने लगता है तो फर्श को धंसने से बचाने के लिए उस व्यक्ति को गुटके को उठाने के लिए कौन-सा ढंग अपनाना चाहिए?

(a) (b)

दो पिण्ड A तथा B, जिनकी संहति क्रमशः 5 kg तथा 10 kg है-एक-दूसरे के संपर्क में एक मेज पर किसी दृढ विभाजक दीवार के सामने विराम में रखे हैं। पिण्डों तथा मेज के बीच घर्षण गुणांक 0.15 है। 200 N का कोई बल क्षैतिजतः A पर आरोपित किया जाता है।

  1.  विभाजक दीवार की प्रतिक्रिया तथा
  2. A तथा B के बीच क्रिया-प्रतिक्रिया बल क्या है? विभाजक दीवार को हटाने पर क्या होता है? यदि पिण्ड गतिशील है तो क्या (b) का उत्तर बदल जाएगा? µs तथा µk के बीच अंतर की उपेक्षा कीजिए।


रिक्त स्थान की पूर्ति करके वाक्य को पूर्ण करें और उसका स्पष्टीकरण लिखिए।

अग्निबाण (रॉकेट) का कार्य न्यूटन के ______ नियम पर आधारित है।


वैज्ञानिक कारण लिखिए।

क्रिया बल और प्रतिक्रिया बल के परिमाण समान और दिशा विपरीत होने पर भी वे एक-दूसरे को निष्फल नहीं करते।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×