Advertisements
Advertisements
Question
बुढ़िया से खरबूजे खरीदने में लोगों को क्या डर सता रहा था?
Advertisements
Solution
बुढ़िया अपने जवान बेटे की मृत्यु के दूसरे दिन ही खरबूजे बेचने बाजार में बैठी थी। उसके घर में सूतक था। यह बात लोगों को पता थी। बुढ़िया से खरबूजे खरीदने पर लोगों को यह डर सता रहा था कि उन्हें पातक लग जाएगा और उनका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
गिल्लू किन अर्थों में परिचारिका की भूमिका निभा रहा था?
'फल तो किसी दूसरी शक्ति पर निर्भर है' − पाठ के संदर्भ में इस पंक्ति का आश्य स्पष्ट कीजिए।
कैलाश नगर के ज़िलाधिकारी ने आलू की खेती के विषय में लेखक को क्या जानकारी दी?
हामिद खाँ ने खाने का पैसा लेने से इंकार क्यों किया?
लेखक को हामिद की याद बनी रहे, इसके लिए उसने क्या तरीका अपनाया?
महिसागर नदी के दोनों किनारों पर कैसा दृश्य उपस्थित था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
रासे में गांधी जी को किस तरह स्वागत हुआ? उन्होंने रास में रहने वाले दरबारों का उदाहरण किस संदर्भ में दिया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
पोशाक हमारे लिए कब बंधन और अड़चन बन जाती है?
बुढ़िया के बेटे की मृत्यु से उसे ज्ञान और माल दोनों की हानि हुई। ‘दुख का अधिकार’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
‘दुख का अधिकार’ पाठ का उद्देश्य मानवीय संवेदना जगाना है।’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
हिमपात किस तरह होता है और उससे क्या-क्या परिवर्तन आते हैं?
इस पाठ में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों की व्याख्या पाठ का संदर्भ देकर कीजिए −
निहारा है, धसकना, खिसकना, सागरमाथा, जायज़ा लेना, नौसिखिया
नीचे दिए उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द-युग्मों का वाक्य में प्रयोग कीजिए −
उदाहरण : हमारे पास एक वॉकी-टॉकी था।
टेढ़ी-मेढ़ी
गहरे-चौड़े
आस-पास
हक्का-बक्का
इधर-उधर
लंबे-चौड़े
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
तीसरे दिन सुबह अतिथि ने क्या कहा?
विद्यार्थी अपने घर आए अतिथियों के सत्कार का अनुभव कक्षा में सुनाएँ।
लेखक के अनुसार अतिथि का देवत्व कब समाप्त हो जाता है?
समुद्र यात्रा के दौरान राम के मन में कौन-सी जिज्ञासा बलवती हो उठी?
उदाहरण के अनुसार ‘त्व’ प्रत्यय लगाकर पाँच शब्द बनाइए-
उदाहरण : देव + त्व = देवत्व
लेखक ने लोगों के किन कार्यों को वाह्याडंबर कहा है और क्यों?
कुछ लोग ईश्वर को रिश्वत क्यों देते हैं? ऐसे लोगों को लेखक क्या सुझाव देता है?
