English

“भारतीय कृषि की समस्याओं में भौतिक बाधाएँ और संस्थागत अवरोध शामिल हैं।” उपयुक्त उदाहरणों सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

“भारतीय कृषि की समस्याओं में भौतिक बाधाएँ और संस्थागत अवरोध शामिल हैं।” उपयुक्त उदाहरणों सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए।

Very Long Answer
Advertisements

Solution

  1. भौतिक बाधाएँ:
    1. अनियमित मानसून पर निर्भरता: भारत की कृषि योग्य भूमि का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही सिंचित है। उदाहरण के लिए, मराठवाड़ा जैसे वर्षा-आधारित क्षेत्रों में खराब मानसून के कारण फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं।
    2. मृदा क्षरण: रसायनों और सिंचाई के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी में लवणता और क्षारीयता बढ़ गई है। पंजाब और हरियाणा के हरित क्रांति वाले क्षेत्र इसका प्रमुख उदाहरण हैं, जहाँ जलभराव और नमक के जमाव के कारण भूमि की उत्पादकता कम हो गई है।
  2. संस्थागत अवरोध:
    1. छोटी और खंडित जोत: 60% से अधिक भारतीय किसानों के पास एक हेक्टेयर से भी कम भूमि है। उदाहरण के लिए, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भूमि छोटे-छोटे टुकड़ों में बँटी हुई है, जिससे आधुनिक मशीनीकरण (जैसे ट्रैक्टर का उपयोग) आर्थिक रूप से संभव नहीं हो पाता।
    2. भूमि सुधारों का अभाव: कानून के बावजूद, वास्तविक “खेती करने वाले” के पास अक्सर स्वामित्व नहीं होता। पूर्वी राज्यों के कई हिस्सों में, असुरक्षित पट्टेदारी के कारण किसान भूमि में दीर्घकालिक सुधार नहीं कर पाते हैं।
    3. व्यावसायीकरण की कमी: छोटे किसानों की अक्सर स्थापित बाजारों तक पहुँच नहीं होती। भंडारण और परिवहन की कमी के कारण, मध्य प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में कई किसान अपना माल स्थानीय बिचौलियों को कम कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर हैं।
shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
2025-2026 (March) 64/1/3

APPEARS IN

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×