Advertisements
Advertisements
Question
भारतीय किसानों की ‘ऋणग्रस्तता’ की समस्या को स्पष्ट कीजिए।
Explain
Advertisements
Solution
भारतीय किसानों की ऋणग्रस्तता का अर्थ उस स्थिति से है जिसमें एक किसान खेती या अन्य जरूरतों के लिए कर्ज लेता है, लेकिन आय कम होने के कारण उसे चुका नहीं पाता। यह एक चक्र बन जाता है जिसे ‘कर्ज का जाल’ कहा जाता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- कम और अनिश्चित आय: अधिकांश भारतीय किसानों के पास छोटे खेत हैं। फसल का उत्पादन कम होने और बाजार में सही दाम न मिलने के कारण वे केवल गुजारा कर पाते हैं, कर्ज चुकाने के लिए उनके पास पैसे नहीं बचते।
- अनौपचारिक स्रोतों पर निर्भरता: कई छोटे किसानों के पास बैंक ऋण तक पहुंच नहीं होती और उन्हें स्थानीय साहूकारों पर निर्भर रहना पड़ता है। ये ऋणदाता अत्यधिक ब्याज दर वसूलते हैं और अक्सर अनैतिक व्यवहार करते हैं।
- फसल की बर्बादी: अनियमित मानसून, सूखा और कीटों के हमले से फसल का नुकसान हो सकता है। बीमा या बचत के अभाव में, किसान पिछला कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज लेने को मजबूर हो जाता है।
- खेती की बढ़ती लागत: उच्च गुणवत्ता वाले बीजों, उर्वरकों और डीजल की बढ़ती कीमतों से शुरुआती खर्च बढ़ जाता है, जिससे सीजन शुरू होने से पहले ही किसान कर्ज में डूब जाता है।
- सामाजिक दायित्व: खेती के अलावा, किसान अक्सर सामाजिक प्रतिष्ठा या मजबूरी में शादियों, मृत्यु भोज, त्योहारों या बीमारी के इलाज के लिए कर्ज लेते हैं। चूंकि यह पैसा किसी उत्पादक काम में नहीं लगता, इसलिए इसे वापस करना सबसे कठिन होता है।
shaalaa.com
Is there an error in this question or solution?
2025-2026 (March) 64/2/2
