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भारत - अमेरिका समझौते से संबंधित बहस के तीन अंश इस अध्याय में दिया गए हैं। इन्हें पढ़ें और किसी एक अंश को आधार मानकर पूरा भाषण तैयार करें जिसमें भारत - अमरीकी - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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Question

भारत - अमेरिका समझौते से संबंधित बहस के तीन अंश इस अध्याय में दिया गए हैं। इन्हें पढ़ें और किसी एक अंश को आधार मानकर पूरा भाषण तैयार करें जिसमें भारत - अमरीकी संबंध के बारे में किसी एक रुख का समर्थन किया गया हो।

Answer in Brief
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Solution

भारत और अमरीका के मध्य परमाणु ऊर्जा के मुद्दे पर समझौता हुआ। भारत की लोकसभा में इस मुद्दे पर बहस हुई। हम देश के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के विचारों से सहमत होकर भारत - अमरीकी संबंधों के बारे में निम्नलिखीतील भाषण तैयार कर सकते हैं - मान्यवर हमारे विचारानुसार इसमें कोई शक नहीं है की अमरीका विश्व का एक महाशक्ति है। यह भी सच है की शीतयुद्ध के दौरान (1945 - 1991) भारत - अमरीकी गुट के विरुद्ध खड़ा था। भारत लगभग ४५-४६ वर्षो में मित्रता की दृष्टी से विश्व की दूसरी महाशक्तिक सोवियत संघ और उसेके समर्थक देशों के साथ था लेकिन अब तो सोवियत संघ ही नहीं रहा। उसके १५ गड्तंत्र उससे अलग हो गए हैं। सोवियत संघ बिखर गया हैं भारत ने अपनी विदेश निति को अमरीका की ओर बदला है। निःसंदेश भारत ने 1991 में ही नई आर्थिक निति अपनाने की घोषणा की। वर्तमान प्रधानमंत्री ही उस समय देश के वित्त मंत्री थे और कांग्रेस पार्टी की ही सरकार थी। उस समय भी भारत मानता था और आज भी वर्तमान सरकार मानती है की ताकत की राजनितिक अब भी बीते दिनों की बात नहीं कहि जा सकती। भारत स्वयं महाशक्ति बनना चाहता हैं। हम मानते हैं की भारत के विकास के मार्ग में अमरीका जैसी महाशक्ति अवरोध ला सकती हैं या अपनी शर्तें थोप सकती है। ऐसा वह पहले भी करता आ रहा है कोई भी राष्टीय नेता या राजनैतिक दल हमारे देश की सुरक्षा पर आँच नहीं आने देगा। क्योंकि यह देश अधिकांश राष्टभक्त - नागरिको का देश है परन्तु वर्तमान परिस्थितियों में देश के लिए आर्थिक और सैनिक लाभ न उठाना और परमाणु समझौते को न लागु करना भी ठीक नहीं होगा।

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अमरीका से भारत के संबंध
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