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Question
“बात यह है कि मैं और मेरा देश दो अलग चीज तो हैं ही नहीं।” स्वयं को देश से अलग न मानने के पीछे क्या तर्क हो सकते हैं, उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
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Solution
इस कथन का आशय यह है कि प्रत्येक नागरिक के आचरण, विचार और कार्यों का प्रत्यक्ष प्रभाव देश की प्रतिष्ठा और स्थिति पर पड़ता है। देश कोई अलग इकाई नहीं है, बल्कि वह अपने नागरिकों से ही निर्मित होता है। यदि नागरिक अच्छे कार्य करेंगे तो देश का सम्मान बढ़ेगा, जबकि गलत कार्यों से उसकी छवि प्रभावित होगी।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाता है, तो इससे पूरे देश की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी से कार्य करता है या किसी विदेशी के सामने अपने देश की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करता है, तो देश का मान बढ़ता है। जैसे जापान के युवक ने अपने व्यवहार से अपने राष्ट्र की प्रतिष्ठा को ऊँचा किया। अतः व्यक्ति और देश एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
