Advertisements
Advertisements
Question
“अपने महान राष्ट्र की पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीप जलाए...”
देश के विकास में सभी का सहयोग होता है जो सीमा पर तैनात हैं और जो देश के भीतर हैं; जैसे- अध्यापक, किसान, श्रमिक, कलाकार, वैज्ञानिक, अभियंता आदि। इन सभी के अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता ज्ञापन तैयार करके लिखिए।
Advertisements
Solution
अध्यापक – आप राष्ट्र-निर्माता हैं। आपने अपने शरीर, मन और वाणी से देश की बाल एवं युवा पीढ़ी को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान की है। आप राष्ट्र की आधारशिला हैं। ये बच्चे आपके बताए मार्ग पर ही आगे बढ़ेंगे। पूरा राष्ट्र आपके प्रति आभारी है। ईश्वर आपके यश और सम्मान में वृद्धि करे!
किसान – हे अन्नदाता! आपके कठिन परिश्रम और पसीने से देश के खेत-खलिहान लहलहाते हैं। आपके श्रम के कारण ही देशवासियों का पेट भरता है। सम्पूर्ण राष्ट्र आपकी इस सेवा और तपस्या के लिए कृतज्ञ है। ईश्वर आपको सुखमय जीवन और दीर्घायु प्रदान करे!
श्रमिक – हे नींव के पत्थर! आपके श्रम और परिश्रम से ही ऊँची-ऊँची इमारतें खड़ी होती हैं। आपके पसीने से ही खेतों में फसलें उगती हैं तथा बड़े-बड़े बाँध और राजमार्ग निर्मित होते हैं। आप इस आधुनिक सभ्यता की मजबूत नींव हैं। समस्त समाज आपकी मेहनत को नमन करता है।
