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Question
‘अन्न बैंक की आवश्यकता’, इसपर अपने विचार लिखिए।
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Solution
अन्न बैंक अलाभकर धर्मादाय संस्थाएँ होती हैं। ये जरूरतमंद लोगों तथा गरीबों को सीधे-सीधे भोजन वितरित करती हैं। विश्व की सबसे पहली अन्न बैंक की स्थापना 1967 में अमेरिका में हुई थी, जिसका नाम था सेंट मेरी फूड बैंक।
हमारे देश के बड़े-बड़े शहरों में भी अनेक अन्य बैंक काम कर रहे हैं, जो गरीबों और जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित करते हैं।
शहरों में बड़े-बड़े समारोहों और पार्टियों में बड़े पैमाने पर मेहमानों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की जाती है। ऐसी पार्टियों में अक्सर काफी खाद्य पदार्थ बच जाता है। देर रात तक चलने वाली इन पार्टियों में इस भोजन को मजबूर कचरे के डिब्बों में फेंकना पड़ता है। अन्न बैंकें समारोहों और पार्टियों से संपर्क स्थापित कर बचे हुए खाद्य पदार्थों को एकत्र करती हैं और गरीबों और जरूरतमंद लोगों में उन्हें मुफ्त वितरित करती हैं। इस तरह अन्न बैंक सराहनीय कार्य करती हैं।
'हमारे देश में अनेक ऐसे लोग हैं, जिन्हें भूखे सो जाना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए अन्न बैंकों के विस्तार की बहुत आवश्यकता है। छोटे-छोटे शहरों तथा बड़े गाँवों तक इसका विस्तार होना चाहिए। अन्न को बरबाद होने से बचाने और भूखे लोगों को भोजन कराने से दूसरे पुण्य का काम क्या हो सकता है!
अन्न बैंकों समय की माँग हैं। अधिक-से-अधिक संस्थाओं को इस दिशा में आगे आने की आवश्यकता है।
