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Question
अभिवृति को परिभाषित कीजिए। अभिवृति के घटको की विवेचना कीजिए।
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Solution
लोग व्यवहारात्मक अधिगम प्रकिया, परिवार एवं विद्यालय के प्रभाव, संदर्भ समूह एवं संचार - माध्यम द्वारा अभिवृतिया अथवा विचार एवं व्यवहारात्मक प्रवृतिया करते है। अभिबृति भी एक अवस्था है। किसी विषय के संबंध में विचारो का एक पुंज है, एक मूल्यांकनपरक की विशेषता पाई जाती है। इस एक सांवेगिक घटक होती है तथा अभिवृति - विषय प्रकार एक विशेष प्रकार से क्रिया करने की प्रवृति भी पाई जाती है। विचार पर घटक को संज्ञानात्मक पक्ष भी कहा जाता है, सांवेगिक घटक को भावात्मक पक्ष के रूप में जाना जाता है तथा क्रिया करने की प्रवृति को व्यवहारपरक या क्रियात्मक घटक कहा जाता है। संक्षप में इन तीनो घटको को अभिवृति का ए बी सी कहा जाता है। हिंदी में इसे संभाव्य कह सकते है घटक कह सकते है। ध्यान रखने वाली बात यह है अभिवृति सव्य में व्यवहार नहीं है परन्तु एक निश्चित प्रकार के व्यवहार या क्रिया करने की प्रवृति को प्रकट करती है। यह संज्ञान के अंग है जो सांवेगिक घटक से युक्त होते तथा इनका बाहर में प्रक्षेन नहीं किया जा सकता है।
