Advertisements
Advertisements
Question
अभिकथन (A): कार्बन के यौगिक बड़ी संख्या में हैं, जिनमें बहुत से कार्बन परमाणु आपस में एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
कारण (R): कार्बन-कार्बन आबंध अत्यधिक प्रबल एवं स्थायी होता है।
Options
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
Advertisements
Solution
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
स्पष्टीकरण:
कार्बन में श्रृंखलाएँ और वलय बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है, जिसे शृंखलाबद्धता (कैटेनेशन) कहा जाता है। यह इसलिए संभव है क्योंकि कार्बन-कार्बन बंध अत्यंत मजबूत और स्थिर होता है, जो कार्बन के छोटे परमाणु आकार के कारण होता है। इसी कारण कार्बन बड़ी संख्या में जटिल और स्थायी यौगिक बना सकता है।
