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अभिकथन (A): बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर एक दिक्सूचक की सुई सदैव पृथ्वी की उत्तर-दक्षिण दिशा में सरेखित होती है। कारण (R): दिक्सूचक की सुई का व्यवहार मुक्त रूप से लटकाए गए छड़ चुम्बक के - Science (विज्ञान)

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Question

अभिकथन (A): बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर एक दिक्सूचक की सुई सदैव पृथ्वी की उत्तर-दक्षिण दिशा में सरेखित होती है।

कारण (R): दिक्सूचक की सुई का व्यवहार मुक्त रूप से लटकाए गए छड़ चुम्बक के व्यवहार की भाँति होता है।

Options

  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।

  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

  • अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।

  • अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।

MCQ
Assertion and Reasoning
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Solution

अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।

स्पष्टीकरण:

कथन (A) असत्य है, क्योंकि दिक्सूचक की सुई परिणामी चुंबकीय क्षेत्र के साथ संरेखित होती है; यदि कोई प्रबल बाहरी क्षेत्र उपस्थित हो, तो यह पृथ्वी की उत्तर-दक्षिण दिशा से विचलित हो जाएगी। कारण (R) सत्य है, क्योंकि दिक्सूचक की सुई मूलतः एक छोटा दंड चुंबक होती है, जो स्वतंत्र रूप से घूमने के लिए कीलित होती है।

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2025-2026 (March) 31/3/2
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