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अब सोचिए ! ऐसा क्यों होता है- देश के अधिकतर भागों में मानसूनी वर्षा के समाप्त होने के बाद ही चेन्नई में अधिक वर्षा होती है।

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Question

अब सोचिए ! ऐसा क्यों होता है-

देश के अधिकतर भागों में मानसूनी वर्षा के समाप्त होने के बाद ही चेन्नई में अधिक वर्षा होती है।

Short/Brief Note
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Solution

इसका कारण चेन्नई का सागर तट पर एवं थर्मल इक्वेटर पर स्थित होना है। वर्ष भर मौसम आम तौर पर गर्म एवं उमस भरा होता है। मई एवं जून का प्रथम सप्ताह वर्ष का सबसे गर्म समय होता है। देश के अन्य भागों से विपरीत चेन्नई में वर्षा मानसून के लौटने के दौरान उत्तर-पूर्वी हवाओं के चलते होती है।

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जलवायु का परिचय
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Chapter 4: जलवायु - स्वयं करने के लिए [Page 41]

APPEARS IN

NCERT Social Science - Contemporary India 1 [Hindi] Class 9
Chapter 4 जलवायु
स्वयं करने के लिए | Q 5. 2 | Page 41

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भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं?


Collect photographs of typical rural houses and clothing of people from different regions of India. Examine whether they reflect any relationship with the climatic condition and relief of the area.


भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित को दर्शाएँ-

  1. 400 सें.मी. से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र
  2. 20 सें.मी. से कम वर्षा वाले क्षेत्र
  3. भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दिशा

भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विशेष ग्रामीण मकानों तथा लोगों की वेश-भूषा के फोटोग्राफ इकट्ठे कीजिए। देखिए कि क्या उनमें और उन क्षेत्रों की जलवायु की दशाओं तथा उच्चावच में कोई संबंध है।


दस स्थानों को तीन भिन्न क्रमों में लिखिए-

  1. विषुवत् वृत्त से उनकी दुरी के क्रम में
  2. समुद्रतल से उनकी ऊँचाई के क्रम में

सर्वाधिक समान जलवायु वाले दो स्थान


निम्नलिखित महीने में सर्वाधिक गर्म दो स्थान

फरवरी


निम्नलिखित महीने में सर्वाधिक गर्म दो स्थान

अप्रैल


निम्नलिखित महीने में सर्वाधिक गर्म दो स्थान

मई


अब सोचिए ! ऐसा क्यों होता है-

लेह में लगभग पुरे वर्ष मध्य वर्षण होती है।


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