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Question
आप इस तथ्य की व्याख्या किस प्रकार करेंगे कि सोडियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी मैग्नीशियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी से कम है, किंतु इसकी द्वितीय आयनन एन्थैल्पी मैग्नीशियम की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी से अधिक है?
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Solution
Na तथा Mg के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न हैं-
Na (Z = 11): 1s2 2s2 2p6 3s1
Mg (Z = 12): 1s2 2s2 2p6 3s2
चूँकि सोडियम (+11); में मैग्नीशियम (+12) की तुलना में कम नाभिकीय आवेश है, सोडियम की प्रथम आयनन एन्थैल्पी मैग्नीशियम की तुलना में कम होगी।
प्रथम इलेक्ट्रॉन निकलने के बाद, सोडियम Na+ आयन में परिवर्तित हो जाता है तथा मैग्नीशियम Mg+ में इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न प्रकार से होगा-
Na+: 1s2 2s2 2p6
Mg+: 1s2 2s2 2p6 3s1
Na+ आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निऑन के समान एक बहुत अधिक स्थाई इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है। इसलिए Na+ आयन से Mg+ की तुलना में इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी। इसी कारण से सोडियम की द्वितीय आयनन एन्थैल्पी, मैग्नीशियम की तुलना में अधिक होती है।
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