English

आप अपनी किसी यात्रा के खट्टे-मीठे अनुभवों को याद करते हुए एक लेख लिखिए। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

आप अपनी किसी यात्रा के खट्टे-मीठे अनुभवों को याद करते हुए एक लेख लिखिए।

Very Long Answer
Advertisements

Solution

पिछली गर्मी की छुट्टियों की बात है। मुझे अपने मित्र के बड़े भाई की शादी में लखनऊ जाना था। नियत तिथि पर जाने के लिए मैंने टिकट आरक्षण करवा लिया। दुर्भाग्य से उस दिन किसी कारण से दिल्ली-वाराणसी समर स्पेशल निरस्त कर दी गई। मजबूरन मुझे बस अड्डे जाना पड़ा। वहाँ दो घंटे से पहले कोई बस न थी। शाम के आठ बज चुके थे। तभी एक व्यक्ति ‘लखनऊ चलो ए.सी. बस से लखनऊ चलो’ की आवाज़ लगाता आया। मैंने जैसे ही उससे कुछ पूछना चाहा, उसके साथी मेरा सामान उठाकर बस की ओर चल पड़े। बस थोड़ी दूर बाहर खड़ी थी। मेरे जैसी उसमें सात-आठ सवारियाँ और भी थीं। बस कंडक्टर ने अपने साथियों को और सवारी लाने भेज दिया। यात्रियों द्वारा शोर करने पर बस रात बारह बजे चली।

ए.सी. चलाने के लिए कहने पर कंडक्टर ने बताया कि ए.सी. अभी-अभी खराब हुआ है। गाजियाबाद से आगे जाते ही ड्राइवर ने बस एक होटल पर रोक दी। ड्राइवर-कंडक्टर के मुफ्त में खाए भोजन का खर्च हमें देना पड़ा। खैर, अलीगढ़ से चलने के पंद्रह मिनट बाद ही चार नवयुवकों ने हाथ में चाकू निकाल लिए और यात्रियों से नकदी व सामान देने को कहा। घबराए यात्रियों ने उनके आदेशों का पालन किया और वैसा ही करने लगे जैसा नवयुवकों ने कहा था।

इसी बीच किसी लोकल यात्री ने सामान निकालने के बहाने बस का नंबर बताकर अलीगढ़ के डी.एस.पी. को फोन पर मैसेज भेज दिया, जो उसके रिश्तेदार थे। लुटेरे बेफिक्री से अपना काम कर रहे थे कि आधे घंटे बाद सामने से आती पुलिस की गाड़ियों ने बस को रुकवा लिया और लुटेरों के भागने से पहले धर दबोचा। सब अपने-अपने सामान एवं नकदी पाकर बहुत प्रसन्न हुए। मैसेज भेजने वाले व्यक्ति का साहसपूर्ण कार्य तथा उसका फोटो अगले दिन लखनऊ से प्रकाशित समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुआ।

खैर, इस घटना के बाद बस सकुशल लखनऊ पहुँच गई। मैं तीसरे दिन लखनऊ मेल से दिल्ली वापस आ गया। आज भी हम उस व्यक्ति को मन-ही-मन धन्यवाद देते हैं।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 8)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 3: बस की यात्रा - पाठ से आगे [Page 17]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 3 Class 8
Chapter 3 बस की यात्रा
पाठ से आगे | Q 3 | Page 17

RELATED QUESTIONS

"पिताजी कहते हैं कि यह घर सराय बना हुआ है।" ऊपर के वाक्य को पढ़ो और बताओ कि-

(क) सराय और घर में क्या अंतर होता है? आपस में इस पर चर्चा करो।
(ख) पिताजी को अपना घर सराय क्यों लगता है?


मान लो तुम लेखक के घर की एक गौरैया हो। अब अपने साथी गौरैया को बताओ कि तुम्हारे साथ इस घर में क्या-क्या हुआ?


इस पाठ में भोपाल गैस त्रासदी का वर्णन हुआ है, जिसे इस त्रासदी को सहने वाली सलमा ने 'वह सुबह कभी तो आएगी' शीर्षक से लिखा है। अब तुम बताओ कि–

(क) तुम इसे निबंध या संस्मरण में से क्या कह सकते हो और क्यों?

(ख) अगर इसे कोई कहानी कहे तो क्या होगा?

(ग) मान लो कि अगर तुम इसे लिखते तो इसका क्या शीर्षक देते और क्यों?

(संकेत–इन प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तुम अपने बड़ों की सहायता भी ले सकते हो।)


तुम्हारे विचार से इस कहानी को कौन सुना रहा है? तुम्हें यह किन बातों से पता चला?


लोककथा में गोमा बिना खेत जोते अपने बैलों को हाँहकर घर की ओर क्यों चल पड़ा?


इस पत्र में अनेक देशों, शहरों और नदियों का जिक्र किया गया है। नीचे दिए गए मानचित्र में उन स्थानों के नाम भरो-


क्या तुम बूढ़ी अम्मा की बात से सहमत होते? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।


सही शब्दों पर गोला बनाओ -

कामचोर, आलसी, मेहनती, भोला-भाला, मूर्ख, समझदार, गरीब, अमीर, कमज़ोर, लगन का पक्का

अब अपने उत्तर का कारण नीचे लिखो

मेरे विचार से गोमा ______ व्यक्ति था क्योंकि ______________________________________


बच्चों ने मंच की व्यवस्था किस प्रकार की?


कहानी में चित्रकार बना मोहन, शायर बना सोहन और संगीतकार बना श्याम अपनी-अपनी कला को महान बताने के साथ एक-दूसरे को छोटा-बड़ा बताने वाले संवादों को बोलकर झगड़े की समस्या को बढ़ावा देते दिख रहे हैं। तुम उन संवादों को गौर से पढ़ो और उसे इस तरह बदलकर दिखाओ कि आपसी झगड़े की समस्या का समाधान हो जाए। चलो शुरुआत हम कर देते हैं; जैसे–'चित्रकार कहता है उसकी कला महान' के बदले अगर चित्रकार कहे कि 'हम सबकी कला महान' तो झगड़े की शायद शुरूआत ही न हो। अब तुम यह बताओ कि -

(क) संगीतकार को क्या कहना चाहिए?

(ख) शायर को क्या कहना चाहिए?

(ग) तुम यह भी बताओ कि इन सभी कलाकारों को तुम्हारे अनुसार वह संवाद क्यों कहना चाहिए?


केशव शंकर पिल्लै बच्चों के लिए सुबह से शाम तक काम में लगे रहते थे। तुम सुबह से शाम तक कौन-कौन से काम करना चाहोगे? नीचे उपयुक्त जगह में अपनी पसंद के काम को भी लिखो और सही (✓) का निशान लगाओ। तुम उसका कारण भी बताओ।

क्रम सं.

काम का नाम 

✓ या ✗ कारण

(क)

खेलना


 

(ख)

पढ़ना


 

(ग)

चित्रकारी करना


 

(घ)

______


 

(ङ)

______


 

(च)

______


 


अंग्रेज़ों से लड़ने के लिए कोया आदिवासी क्या-क्या करते थे?


तुमने इस पाठ में भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले दो व्यक्तियों के नामों को जाना। एक गाँधी जी और दूसरा श्रीराम राजू। पता करो कि भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वालों में तुम्हारे प्रदेश से कौन-कौन व्यक्ति थे। उनमें से किसी एक के बारे में कक्षा में चर्चा करो।


(i)"दो दिन में जंगल में सड़क बनाने का काम शुरू होगा। तुम सब लोगों को इस काम पर पहुँचना है। अगर नहीं पहुँचे तो ठीक नहीं होगा।"

(ii)"काम करेंगे तो बदले में क्या मिलेगा।"

ऊपर के कथनों में पहला कथन तहसीलदार बेस्टीयन का है जो आदिवासियों के गाँवों मे जाकर चिल्ला-चिल्लाकर बोला था और दूसरा कथन आदिवासियों में से किसी का है जो तहसीलदार से पूछना चाहा था। अब तुम सोचकर बताओ कि– 

(क) तुम्हारे विचार से बेस्टियन का कथन ठीक होगा?

(ख) आदिवासियों में से किसी के द्वारा कहा गया वह कथन कैसा है? तुम्हारे विचार से क्या ठीक होगा?

(संकेत :-तुम अपनी पसंद के कथन को अपने ढंग से लिख सकते हो)


आदिवासियों के साथ मन-मर्जी नहीं की जा सकती। उसके पास कई मन गेहूँ था।

ऊपर के पहले वाक्य में 'मन' का मतलब है –दिल, हृदय।

दूसरे वाक्य में 'मन' नाप-तौल का एक शब्द है। इस तरह मन के दो अर्थ हैं। ऐसे शब्दों को अनेकार्थक शब्द कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़ो और वाक्य बनाओ।

सोना

सो जाना (नींद)
स्वर्ण, एक धातु

उत्तर

एक दिशा
जवाब

हार

पराजय, हार जाना
माला


भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाओ।

घमंड

घमंडी

हिम्मत 

____________

साहस

____________

स्वार्थ

____________

अत्याचार

____________

विद्रोह

____________


खेलों पर बनी कुछ फ़िल्मों के बारे में पता लगाओ। उनमें से कुछ फ़िल्मों के नामों और उनमें दर्शाए गए खेलों के नामों को साथ मिलाकर एक सूची बनाओ। कक्षा में उन फ़िल्मों के बारे में बातचीत भी करो।


कबीर के दोहों को साखी क्यों कहा जाता है? ज्ञात कीजिए।


बाज के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×