English

(a) न्यूट्रॉन की किस गतिज ऊर्जा के लिए दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य 1.40 x 10-10 m होगा? (b) एक न्यूट्रॉन, जो पदार्थ के साथ तापीय साम्य में है और जिसकी 300 K पर औसत गतिज ऊर्जा 32kT है, - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

  1. न्यूट्रॉन की किस गतिज ऊर्जा के लिए दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य 1.40 x 10-10 m होगा?
  2. एक न्यूट्रॉन, जो पदार्थ के साथ तापीय साम्य में है और जिसकी 300 K पर औसत गतिज ऊर्जा \[\frac{3}{2}\]kT है, का भी दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए।
Numerical
Advertisements

Solution

(a) दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य,

`lambda = "h"/sqrt(2"m" "E"_"k")`

∴ गतिज ऊर्जा, `"E"_"k" = "h"^2/(2"m"lambda^2)`

दिया है, λ = 1.40 × 10-10 m,न्यूट्रॉन का द्रव्यमान,

m = 1.67 × 10-27 kg

∴ गतिज ऊर्जा,

`"E"_"k" = (6.63 xx 10^-34)^2/(2 xx 1.67 x 10^-27 xx (1.40 xx 10^-10)^2)`

(b) दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य,

`lambda = "h"/(sqrt(2m"E"_"k")) = "h"/(sqrt(2m xx 3/2 "kT")) = "h"/sqrt(3"mkT")`

`= (6.63 xx 10^-34)/(sqrt(3 xx 1.67 xx 10^-27 xx 1.38 xx 10^-23 xx 300))`

= 1.46 × 10-10 m

= 1.46 Å

shaalaa.com
प्रकाश-विद्युत प्रभाव प्रायोगिक अध्ययन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति - अभ्यास [Page 410]

APPEARS IN

NCERT Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 11 विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
अभ्यास | Q 11.17 | Page 410

RELATED QUESTIONS

एक इलेक्ट्रॉन गन जिसका संग्राहक 100V विभव पर है, एक कम दाब (~10-2 mm Hg) पर हाइड्रोजन से भरे गोलाकार बल्ब में इलेक्ट्रॉन छोड़ती है। एक चुम्बकीय-क्षेत्र जिसका मान 2.83 x 10-4 T है, इलेक्ट्रॉन के मार्ग को 12.0 cm त्रिज्या के वृत्तीय कक्षा में वक्रित कर देता है। (इस मार्ग को देखा जा सकता है क्योंकि मार्ग में गैस आयन किरण-पुंज को इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करके और इलेक्ट्रॉन प्रग्रहण के द्वारा प्रकाश उत्सर्जन करके फोकस करते हैं; इस विधि को परिष्कृत किरण-पुंज नली विधि कहते हैं। आँकड़ों से \[\frac{e}{m}\] का मान निर्धारित कीजिए।


किसी धातु में (27°C) पर एक इलेक्ट्रॉन का प्रारूपी दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य परिकलित कीजिए और इसकी तुलना धातु में दो इलेक्ट्रॉनों के बीच औसत पृथक्य से कीजिए जो लगभग 2 x 10-10 m दिया गया है।


गैसें सामान्य दाब पर कुचालक होती हैं, परन्तु बहुत कम दाब पर चालन प्रारम्भ कर देती हैं। क्यों?


प्रत्येक धातु का एक निश्चित कार्य-फलन होता है। यदि आपतित विकिरण एकवर्णी हो तो सभी प्रकाशिक इलेक्ट्रॉन समान ऊर्जा के साथ बाहर क्यों नहीं आते हैं? प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों का एक ऊर्जा वितरण क्यों होता है?


एक इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा तथा इसका संवेग इससे जुड़े पदार्थ-तरंग की आवृत्ति तथा इसके तरंगदैर्घ्य के साथ निम्न प्रकार सम्बन्धित होते हैं

E = hv, p = `"h"/lambda`

परन्तु  λ का मान जहाँ भौतिक महत्त्व का है, के मान (और इसलिए कला चाल 22 को मान) का कोई भौतिक महत्त्व नहीं है। क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×