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Question
31 मार्च, 2016 के बाद खाता पुस्तकें बंद होने पर मांउटेन, हिल एवं रॉक की पुस्तकें क्रमशः 4,00,000 रु., 3,00,000 रू. तथा 2,00,000 रू. पर थीं। तंदतर यह पाया गया कि पूँजी पर 10% की दर से ब्याज का विलोपन है। पूरे वर्ष का लाभ 1,50,000 रू. था तथा साझेदारों के आहरण मांउटेन 20,000 रू., हिल 15,000 रु. तथा रॉक 10,000 रू. थे। पूँजी पर ब्याज परिकलित करें।
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Solution
यदि अतिरिक्त पूँजी नहीं दी जाती है तो पूँजीपर ब्याज की गणना पूँजी के शुरुआती शेष पर की जाती है।
| मांउटेन | हिल | रॉक | |
|
समापन पूँजी |
4,00,000 | 3,00,000 | 2,00,000 |
|
जोड़ा: आहरण |
20,000 | 15,000 | 10,000 |
|
घटाया: लाभ (1 : 1 : 1) |
(50,000) | (50,000) | (50,000) |
| प्रारंभिक पूँजी | 3,70,000 | 2,65,000 | 1,60,000 |
पूँजी पर ब्याज -
मांउटेन - `3,70,000 xx 10/100` = रु. 37,000
हिल - `2,65,000 xx 10/100` = रु. 26,500
रॉक - `1,60,000 xx 10/100` = रु. 16,000
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सुकेश एवं विनीता एक फर्म में साझेदार हैं। उनका साझेदारी समझौता निम्नलिखित प्रावधानों से युक्त है, जिसके अनुसार:
- सुकेश एवं विनीता द्वारा लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2;
- पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है;
- विनीता को प्रतिमाह 600 रू. वेतन के रूप में प्राप्त होने चाहिए;
31 दिसंबर, 2016 को उनके लेखा खातों से निम्नलिखित शेष निष्कर्ष रूप में प्राप्त हुए हैं:
| सुकेश (रू.) | विनीता (रू.) | |
| पूँजी खाते | 40,000 | 40,000 |
| चालू खाते | (जमा) 7,200 | (जमा) 2,800 |
| आहरण | 10,850 | 8,150 |
पूँजी पर ब्याज एवं साझेदार का वेतन निकलने से पहले इस वर्ष में फर्म का निवल लाभ 9,500 रु. रहा। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों के चालू खाते तैयार करें।
सूरजमुखी और गुलाब ने 01 अप्रैल, 2019 को क्रमशः 2,50,000 रू. तथा 1,50,000 रू. के साथ व्यवसाय शुरू किया। 01 अक्तूबर, 2015 को उन्होंने तय किया कि दोनों की पूँजी 2,00,000 रू. प्रत्येक होनी चाहिए। पूँजी सन्नवेश और रोकड़ आहरण के द्वारा उचित समायोजन किए गए। पूँजी पर 10% की दर से ब्याज अनुमत है। 31 मार्च, 2020 को पूँजी पर ब्याज परिकलित कीजिए।
नीलकांत एवं महादेव के तुलन पत्र का 31 मार्च, 2020 को निष्कर्ष निम्नवत है।
| 31 मार्च, 2020 को तुलन पत्र | |||
| देनदारियाँ | राशि (रु.) | परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
| नीलकांत की पूँजी | 10,00,000 | विविध परिसंपत्तियाँ | 30,00,000 |
| महादेव की पूँजी | 10,00,000 | ||
| नीलकांत का चालू खाता | 1,00,000 | ||
| महादेव का चालू खाता | 1,00,000 | ||
| लाभ व हानि विनियोजन (मार्च 2007) | 8,00,000 | ||
| 30,00,000 | 30,00,000 | ||
पूरे वर्ष के दौरान महादेव का आहरण 30,000 रू. है तथा वर्ष 2016 के दौरान लाभ 10,00,000 रु. है। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2016 को पूँजी पर ब्याज 5% प्रति वर्ष की दर से परिकलित करें।
ऋषि एक फर्म में साझेदार है। 31 मार्च, 2016 तक वह निम्न आहरण करता है।
| 01 मई, 2019 | 12,000 रु. |
| 31 जुलाई, 2019 | 6,000 रु. |
| 30 सितंबर, 2019 | 9,000 रु. |
| 30 नवंबर, 2019 | 12,000 रु. |
| 01 जनवरी, 2020 | 8,000 रु. |
| 31 मार्च, 2020 | 7,000 रु. |
आहरणों पर 9% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है। आहरणों पर व्याज परिकलित कीजिए।
मोली और गोलू के पूँजी खाते 01 अप्रैल, 2016 को क्रमशः 40,000 रू. तथा 20,000 रू. का शेष दर्शाते हैं। वे 3: 2 के अनुपात में लाथ विभाजन करते हैं। पूँजी पर 10% की दर से ब्याज अनुमत है तथा आहरणों पर 12% की दर से प्रभार अनुमत है। गोलू ने 01 अगस्त, 2016 को 10,000 रू. का ऋण फर्म को दिया। वर्ष के दौरान मोली ने 1,000 रू. प्रति माह के प्रारंभ में आहरित किए, जब कि गोलू ने प्रति माह के अंत में 1,000 रू. आहरित किए। उपर्युक्त समायोजनों के करने से पूर्व लाभ 20,950 रू. था। आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए तथा साझेदारों के पूँजी खाते तैयार कीजिए।
राकेश एवं रोशन एक फर्म में 3: 2 के अनुपात में लाभ विभाजन से क्रमशः 40,000 रू. तथा 30,000 रू. के साथ साझेदार है। उन्होंने अपने निजी उपयोग हेतु निम्नलिखित आहरण वर्ष भर किए हैं।
| राकेश | माह | रू. |
| 03 मई, 2019 | 600 | |
| 30 जून, 2019 | 500 | |
| 31 अगस्त, 2019 | 1,000 | |
| 01 नवंबर, 2019 | 400 | |
| 31 दिसंबर, 2019 | 1,500 | |
| 31 जनवरी, 2020 | 300 | |
| 01 मार्च, 2020 | 700 | |
| रोशन | प्रत्येक माह के प्रारंभ में | 400 |
6 % वार्षिक की दर से आहरण पर ब्याज प्रभारित होना है। आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए जबकि प्रतिवर्ष 31 मार्च, 2019 को खाता पुस्तकें बंद होती हैं।
हिमांशु प्रतिमाह 2,500 रू. आहरित करता है। साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर 12% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर हिमांशु के आहरणों पर ब्याज का परिकलन करें।
अमित और भोला एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 है। उनके साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर ब्याज की दर 10% वार्षिक प्रभारित होनी है। वर्ष 2014 के दौरान उनके आहरण क्रमशः 24,000 रू. तथा 16,000 रू. थे। यह मानकर कि उन्होंने पूरे वर्ष नियमित रूप से राशियाँ आहरित की थी। इसी आधार पर आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए।
राम, मोहन और सोहन एक फर्म में क्रमशः 5,00,000 रू., 2,50,000 रू. तथा 2,00,000 रु. की पूँजी के साथ साझेदार हैं। पूँजी पर 10% प्रतिवर्ष की दर से व्याज के प्रावधान के बाद लाभ को निम्नानुसार विभाजित करें। राम 1/2, मोहन 1/3 और सोहन 1/6 लेकिन राम एवं मोहन ने सोहन को कम से कम 25,000 रू. प्रति वर्ष देने की गारंटी दी है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2017 के लिए, पूँजी पर ब्याज प्रभारित करने से पहले, निवल लाभ 2,00,000 रु. है। आप से अपेक्षा है कि लाभ का परिकलन करें।
वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2016 के लिए क, ख एवं ग का निवल लाभ 60,000 रू. था और यही राशि इन साझेदारों के बीच 3: 1: 1 के अनुपात में वितरित की गई। इसके बाद यह बात पता चली कि निम्नलिखित लेन-देन को लेखा खातों में नहीं अभिलेखित किया गया है :
(i) पूँजी पर ब्याज की दर 5% प्रतिवर्ष
(ii) आहरणों पर ब्याज जो कि क के 700 रू.; ख के 500 रू.; ग के 300 रू. हैं।
(iii) साझेदारों का वेतन क के 1,000 रू.; ख के 1,500 रु. प्रति वर्ष
(iv) एक सहमतिपूर्ण कमीशन क के लिए 6,000 रु., ख के लिए 6,000 रू. जो कि एक फर्म की विशेष लेन-देन से पैदा हुआ है। समायोजन प्रविष्टियों का अभिलेखन करें।
हैरी, पोर्टर एवं अली एक फर्म में 2: 2 : 1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं "जो कई वर्षो से विद्यमान है; लेकिन अली चाहता है कि वह भी फर्म में हैरी एवं पोर्टर के समान बराबर का लाभ का भागीदार बने। इसके साथ ही वह चाहता है कि वह लाभ विभाजन पिछले तीन वर्षो से पूर्व प्रभावी तरीके से प्राप्त हो। इस बारे में हैरी एवं पोर्टर एक समझौता करते हैं।
पिछले तीन वर्षों का लाभ
| वर्ष | (रु.) |
| 2013 - 14 | 22,000 |
| 2014 - 15 | 24,000 |
| 2015 - 16 | 29,000 |
एक एकल समायोजन रोज़नामचा प्रविष्टि के द्वारा लाभ का समायोजन प्रदर्शित करें।
आज़ाद एवं बिन्नी बराबर के साझेदार हैं। उनकी पूँजी क्रमशः 40,000 रू. तथा 80,000 रू. थी। वर्ष के अंत में खातों को तैयार करने के बाद यह पता चला कि साझेदारी विलेख में प्रस्तावित 5% प्रतिवर्ष की ब्याज दर को लाभ वितरण से पहले पूँजी खातों में नहीं जमा किया गया है। यह तय किया गया कि अगले वर्ष के प्रारंभ में एक समायोजन प्रविष्टि तैयार की जाए। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि अभिलेखित करें।
अंजू, मंजू व ममता साझेदार है जिसमें उनकी स्थिर पूँजी क्रमशः 10,000 रू. 8,000 रू. व 6,000 रु. है। साझेदारी विलेख के अनुसार पूँजी पर 5% वार्षिक दर से ब्याज देय अनुमत है। लेकिन पिछले तीन वर्षों से प्रविष्टि नहीं डाली गई है। इन वर्षों के दौरान लाभ विभाजन अनुपात निम्नवत था।
|
वर्ष |
अंजू |
मंजू |
ममता |
|
2016 |
4 |
3 |
5 |
|
2017 |
3 |
2 |
1 |
|
2018 |
1 |
1 |
1 |
नए वर्ष हेतु आवश्यक एवं समायोजन प्रविष्टियाँ तैयार करें, अर्थात अप्रैल 2017 हेतु प्रविष्टियाँ दें।
