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शंकु की लंब ऊँचाई 12 सेमी तथा तिरछी ऊँचाई 13 सेमी हो तो शंकु की आधार की त्रिज्या कितनी है ?
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एक शंकु का वक्र पृष्ठफल 251.2 सेमी2 तथा आधार की त्रिज्या 8 सेमी हो तो शंकु की तिरछी ऊँचाई तथा लंब ऊँचाई ज्ञात कीजिए।(π = 3.14)
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6 मी त्रिज्या तथा 8 मी तिरछी ऊँचाईवाली टिन के बंद शंक्वाकार घन बनाने की दर 10 रु प्रति वर्ग मीटर हो तो उस घनाकृति को बनाने में कितना खर्च लगेगा ? `(π = 22/7)`
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शंकु का वक्र पृष्ठफल 188.4 वर्ग सेमी तथा तिरछी ऊँचाई 10 सेमी है। तो शंकु की लंब ऊँचाई ज्ञात कीजिए । (π = 3.14)
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एक शंकु के आधार की त्रिज्या तथा लंब ऊँचाइयों का अनुपात 5ः12 है। शंकु का घनफल 314 घमी है तो उस शंकु की लंब ऊँचाई तथा तिरछी ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (π = 3.14)
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यदि शंकु का घनफल 6280 घसेमी है तथा आधार की त्रिज्या 20 सेमी है तो शंकु की लंब ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (π = 3.14)
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एक शंकु का घनफल 1232 सेमी3 तथा ऊँचाई 24 सेमी है तो उस शंकु का वक्र पृष्ठफल ज्ञात कीजिए। `( π = 22/7)`
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एक शंकु का वक्र पृष्ठफल 2200 वर्ग सेमी है तथा तिरछी ऊँचाई 50 सेमी है तो उस शंकु का संपूर्ण पृष्ठफल तथा घनफल ज्ञात कीजिए।
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निम्नलिखित कथन को यदि-तो के रूप में लिखिए।
समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण सर्वांगसम होते हैं।
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निम्नलिखित कथन को यदि-तो के रूप में लिखिए।
आयत के विकर्ण सर्वांगसम होते हैं।
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निम्नलिखित कथन को यदि-तो के रूप में लिखिए।
समद्विबाहु त्रिभुज मे शीर्षबिंदु तथा आधार के मध्यबिंदु को जोड़ने वाला रेखाखंड आधार पर लंब होता है।
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नीचे दिए गए कथन का विलोम लिखिए।
दो समांतर रेखाएँ तथा उनकी तिर्यक रेखा दी गई हो तो एकांतर कोण सर्वांगसम होते हैं।
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नीचे दिए गए कथन का विलोम लिखिए।
दो रेखाओं को एक तिर्यक रेखा द्वारा प्रतिच्छेदित करने पर बनने वाले अंतः कोणों की एक जोड़ी संपूरक हो तो वे रेखाएँ परस्पर समांतर होती हैं।
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नीचे दिए गए कथन का विलोम लिखिए।
आयत के विकर्ण सर्वांगसम होते हैं।
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निम्नलिखित कथन सशर्त रूप में लिखिए ।
प्रत्येक समचर्तुभुज यह वर्ग होता है ।
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निम्नलिखित कथन सशर्त रूप में लिखिए ।
रैखिक युगल कोण परस्पर संपूरक होते हैं ।
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निम्नलिखित कथन सशर्त रूप में लिखिए ।
त्रिभुज यह तीन रेखाखंडों द्वारा निर्मित आकृति होती है ।
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निम्नलिखित कथन सशर्त रूप में लिखिए ।
केवल दो ही विभाजक हो ऐसी संख्या को अभाज्य संख्या कहते हैं ।
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निम्नलिखित कथन के विलोम लिखिए ।
किसी बहुभुजाकृति के कोणों के मापों का योग 180° हो, तो वह आकृति त्रिभुज की होती है ।
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निम्नलिखित कथन के विलोम लिखिए।
दो कोणों के मापों का योग 90° हो तो वे परस्पर कोटिपूरक कोण होते हैं।
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