मराठी

Science (English Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
विषय
अध्याय
विषय
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  7061 to 7080 of 18300  next > 
हृदय की कोमलता को बचाने के लिए व्यवहार की कठोरता भी कभी-कभी ज़रूरी हो जाती है- प्रस्तुत पाठ के आधार पर स्पष्ट करें।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
द्विवेदी जी ने शिरीष के माध्यम से कोलाहल व संघर्ष से भरी जीवन-स्थितियों में अविचल रह कर जिजीविषु बने रहने की सीख दी है। स्पष्ट करें।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

Advertisements
हाय, वह अवधूत आज कहाँ है! ऐसा कहकर लेखक ने आत्मबल पर देह-बल के वर्चस्व की वर्तमान सभ्यता के संकट की ओर संकेत किया है। कैसे?
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
कवि (साहित्यकार) के लिए अनासक्त योगी की स्थिर प्रज्ञता और विदग्ध प्रेमी का हृदय-एक साथ आवश्यक है। ऐसा विचार प्रस्तुत कर लेखक ने साहित्य-कर्म के लिए बहुत ऊँचा मानदंड निर्धारित किया है। विस्तारपूर्वक समझाएँ।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
सर्वग्रासी काल की मार से बचते हुए वही दीर्घजीवी हो सकता है, जिसने अपने व्यवहार में जड़ता छोड़कर नित बदल रही स्थितियों में निरंतर अपनी गतिशीलता बनाए रखी है। पाठ के आधार पर स्पष्ट करें।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट कीजिए-

दुरंत प्राणधारा और सर्वव्यापक कालाग्नि का संघर्ष निरंतर चल रहा है। मूर्ख समझते हैं कि जहाँ बने हैं, वहीं देर तक बने रहें तो कालदेवता की आँख बचा पाएँगे। भोले हैं वे। हिलते-डुलते रहो, स्थान बदलते रहो, आगे की ओर मुँह किए रहो तो कोड़े की मार से बच भी सकते हो। जमे कि मरे।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट कीजिए-

जो कवि अनासक्त नहीं रह सका, जो फक्कड़ नहीं बन सका, जो किए-कराए का लेख-जोखा मिलाने में उलझ गया, वह भी क्या कवि है?..... मैं कहता हूँ कवि बनना है मेरे दोस्तो, तो फक्कड़ बनो।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट कीजिए-

फूल हो या पेड़, वह अपने-आप में समाप्त नहीं है। वह किसी अन्य वस्तु को दिखाने के लिए उठी हुई अँगुली है। वह इशारा है।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
शिरीष के पुष्प को शीतपुष्प भी कहा जाता है। ज्येष्ठ माह की प्रचंड गरमी में फूलने वाले फूल को शीतपुष्प संज्ञा किस आधार पर दी गई होगी?
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

कोमल और कठोर दोनों भाव किस प्रकार गांधीजी के व्यक्तित्व की विशेषता बन गए।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
आजकल अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय फूलों की बहुत माँग है। बहुत से किसान साग-सब्ज़ी व अन्न उत्पादन छोड़ फूलों की खेती को ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को विषय बनाते हुए वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करें।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने इस पाठ की तरह ही वनस्पतियों के संदर्भ में कई व्यक्तित्त्व व्यंजक ललित निबंध और भी लिखे हैं- कुटज, आम फिर बौरा गए, अशोक के फूल, देवदारु आदि। शिक्षक की सहायता से इन्हें ढूँढ़िए और पढ़िए।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
द्विवेदी जी की वनस्पतियों में ऐसी रुचि का क्या कारण हो सकता है? आज साहित्यिक रचना-फलक पर प्रकृति की उपस्थिति न्यून से न्यून होती जा रही है। तब ऐसी रचनाओं का महत्त्व बढ़ गया है। प्रकृति के प्रति आपका दृष्टिकोण रुचिपूर्ण है या उपेक्षामय? इसका मूल्यांकन करें।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

दस दिन फूले और फिर खंखड़-खंखड़ इस लोकोक्ति से मिलते-जुलते कई वाक्यांश पाठ में हैं। उन्हें छाँट कर लिखें।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

अशोक वृक्ष- भारतीय साहित्य में बहुचर्चित एक सदाबहार वृक्ष। इसके पत्ते आम के पत्तों से मिलते हैं। वसंत-ऋतु में इसके फूल लाल-लाल गुच्छों के रूप में आते हैं। इसे कामदेव के पाँच पुष्पवाणों में एक माना गया है। इसके फल सेम की तरह होते हैं। इसके सांस्कृतिक महत्त्व का अच्छा चित्रण हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने निबंध अशोक के फूल में किया है। भ्रमवश आज एक दूसरे वृक्ष को अशोक कहा जाता रहा है और मूल पेड़ (जिसका वानस्पतिक नाम सराका इंडिका है।) को लोक भूल गए हैं। इसकी एक जाति श्वेत फूलों वाली भी होती है।
अरिष्ठ वृक्ष- रीठा नामक वृक्ष। इसके पत्ते चमकीले हरे होते हैं। फल को सुखाकर उसके छिलके का चूर्ण बनाया जाता है, बाल धोने एवं कपड़े साफ करने के काम में आता है। पेड़ की डालियों व तने पर जगह-जगह काँटे उभरे होते हैं, जो बाल और कपड़े धोने के काम भी आता है।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

आरग्वध वृक्ष- लोक में उसे अमलतास कहा जाता है। भीषण गरमी की दशा में जब इसका पड़े पत्रहीन ठूँठ सा हो जाता है, पर इस पर पीले-पीले पुष्प गुच्छे लटके हुए मनोहर दृश्य उपस्थित करते हैं। इसके फल लगभग एक डेढ़ फुट के बेलनाकार होते हैं जिसमें कठोर बीज होते हैं।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

आरग्वध वृक्ष- लोक में उसे अमलतास कहा जाता है। भीषण गरमी की दशा में जब इसका पड़े पत्रहीन ठूँठ सा हो जाता है, पर इस पर पीले-पीले पुष्प गुच्छे लटके हुए मनोहर दृश्य उपस्थित करते हैं। इसके फल लगभग एक डेढ़ फुट के बेलनाकार होते हैं जिसमें कठोर बीज होते हैं।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

शिरीष वृक्ष- लोक में सिरिस नाम से मशूहर पर एक मैदानी इलाके का वृक्ष है। आकार में विशाल होता है पर पत्ते बहुत छोटे-छोटे होते हैं। इसके फूलों में पंखुड़ियों की जगह रेशे-रेशे होते हैं।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

जाति प्रथा को श्रम-विभाजन का ही एक रूप न मानने के पीछे आंबेडकर के क्या तर्क हैं?

[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined

जाति-प्रथा भारतीय समाज में बेरोजगारी व भुखमरी का भी एक कारण कैसे बनती जा रही है? क्या यह स्थिति आज भी है?

[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined
< prev  7061 to 7080 of 18300  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Biology
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Chemistry
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Computer Science (C++)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ History
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Informatics Practices
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Physical Education
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Physics
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Science (English Medium) इयत्ता १२ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×