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Science (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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उस दूरी का आकलन कीजिए जिसके लिए किसी 4 mm के आकार के द्वारक तथा 400 nm तरंगदैर्घ्य के प्रकाश के लिए किरण प्रकाशिकी सन्निकट रूप से लागू होती है।

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
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30 kV इलेक्ट्रॉनों के द्वारा उत्पन्न X-किरणों की (a) उच्चतम आवृत्ति तथा (b) निम्नतम तरंगदैर्घ्य प्राप्त कीजिए।

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
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  1. लीथियम के दो स्थायी समस्थानिकों को \[\ce{^{6}_{3} Li}\] एवं \[\ce{^{7}_{3} Li}\] की बहुलता का प्रतिशत
    क्रमशः 7.5 एवं 92.5 हैं। इन समस्थानिकों के द्रव्यमान क्रमशः 6.01512 u एवं 7,01600u हैं। लीथियम का परमाणु द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
  2. बोरॉन के दो स्थायी, समस्थानिक \[\ce{^{10}_{5} Li}\] एवं \[\ce{^{11}_{5} B}\] हैं। उनके द्रव्यमान क्रमशः 10.01294u एवं 11.00931u एवं बोरॉन का परमाणु भार 10.811u है। \[\ce{^{10}_{5} B}\] एवं \[\ce{^{11}_{5} B}\] की बहुलता ज्ञात कीजिए।
[13] नाभिक
Chapter: [13] नाभिक
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नाइट्रोजन नाभिक (\[\ce{_{7}^{14}N}\]) की बन्धन-ऊर्जा MeV में ज्ञात कीजिए। mN = 14.00307 u mH = 1.00783 u, mn = 1.00867 u]

[13] नाभिक
Chapter: [13] नाभिक
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b भुजा वाले एक घन के प्रत्येक शीर्ष पर q आवेश है। इस आवेश विन्यास के कारण घन के केन्द्र पर विद्युत विभव तथा विद्युत-क्षेत्र ज्ञात कीजिए।

[2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Chapter: [2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
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एक व्यक्ति शाम के समय अपने घर के बाहर 2 m ऊँचा अवरोधी पट्ट रखता है जिसके शिखर पर एक 1 m क्षेत्रफल की बड़ी ऐलुमिनियम की चादर है। अगली सुबह वह यदि धातु की चादर को छूता है तो क्या उसे विद्युत आघात लगेगा?

[संकेत : पृष्ठ आवेश घनत्व = 10-9 Cm-2 के अनुरूप पृथ्वी के (पृष्ठ) पर नीचे की दिशा में लगभग 100 Vm-1 का विद्युत क्षेत्र होता है। लगभग 50 km ऊँचाई तक (जिसके बाहर यह अच्छा चालक है) वातावरण की थोड़ी सी चालकता के कारण लगभग + 1800 C का आवेश प्रति सेकण्ड समग्र रूप से पृथ्वी में पंप होता रहता है। तथापि, पृथ्वी निरावेशित नहीं होती, क्योंकि संसार में हर समय लगातार तड़ित तथा तड़ित-झंझा होती रहती है, जो समान मात्रा में ऋणावेश पृथ्वी में पंप कर देती है।]

[2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Chapter: [2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
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किसी असमान अनुप्रस्थ काट वाले धात्विक चालक से एकसमान धारा प्रवाहित होती है। निम्नलिखित में से चालक में कौन-सी अचर रहती है-धारा, धारा घनत्व, विद्युत क्षेत्र, अपवाह चाल।

[3] विद्युत धारा
Chapter: [3] विद्युत धारा
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क्षैतिज तल में रखे एक लंबे सीधे तार में 50 A विद्युत धारा उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित हो रही है। तार के पूर्व में 2.5 m दूरी पर स्थित किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र B का परिमाण और उसकी दिशा ज्ञात कीजिए।

[4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Chapter: [4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
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किसी लौह चुम्बक की सतह के प्रत्येक बिन्द पर चुम्बकीय-क्षेत्र रेखाएँ सदैव लम्बवत होती हैं (यह तथ्य उन स्थिरविद्युत क्षेत्र रेखाओं के सदृश है जो कि चालक की सतह के प्रत्येक बिन्दु पर लम्बवत होती हैं। क्यों?

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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किसी स्थान को चुम्बकीय-क्षेत्र से परिरक्षित करना है। कोई विधि सुझाइए।

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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एक 100 Ω का प्रतिरोधक 200 V, 50 Hz आपूर्ति से संयोजित है।

  1. परिपथ में धारा का rms मान कितना है?
  2. एक पूरे चक्र में कितनी नेट शक्ति व्यय होती है?
[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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एक 44 mH को प्रेरित्र 220 V, 50 Hz आपूर्ति से जोड़ा गया है। परिपथ में धारा के rms मान को ज्ञात कीजिए।

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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एक कुण्डली को जिसका प्रेरण 0.50 H तथा प्रतिरोध 100 Ω है, 240 V व 50 Hz की एक आपूर्ति से जोड़ा गया है।

  1. कुण्डली में अधिकतम धारा कितनी है?
  2. वोल्टेज शीर्ष व धारा शीर्ष के बीच समय-पश्चता (time lag) कितनी है?
[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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एक लैम्प से श्रेणीक्रम में जुड़ी चोक को एक dc लाइन से जोड़ा गया है। लैम्प तेजी से चमकता है। चोक में लोहे के क्रोड को प्रवेश कराने पर लैम्प की दीप्ति में कोई अन्तर नहीं पड़ता है। यदि एक ac लाइन से लैम्प का संयोजन किया जाए तो तदनुसार प्रेक्षणों की प्रागुक्ति कीजिए।

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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एक समांतर प्लेट संधारित्र, R = 6.0 cm त्रिज्या की दो वृत्ताकार प्लेटों से बना है और इसकी धारिता C = 100 pF है। संधारित्र को 230 V, 300 rad s−1 की (कोणीय) आवृत्ति के किसी स्रोत से जोड़ा गया है।

  1. चालन धारा का rms मान क्या है?
  2. क्या चालन धारा विस्थापन धारा के बराबर है?
  3. प्लेटों के बीच, अक्ष से 3.0 cm की दूरी पर स्थित बिंदु पर B का आयाम ज्ञात कीजिए।

[8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
Chapter: [8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
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2.5 cm साइज़ की कोई छोटी मोमबत्ती 36 cm वक्रता त्रिज्या के किसी अवतल दर्पण से 27 cm दूरी पर रखी है। दर्पण से किसी परदे को कितनी दूरी पर रखा जाए कि उसका सुस्पष्ट प्रतिबिंब परदे पर बने। प्रतिबिंब की प्रकृति और साइज़ का वर्णन कीजिए। यदि मोमबत्ती को दर्पण की ओर ले जाएँ, तो परदे को किस ओर हटाना पड़ेगा?

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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4.5 cm साइज़ की कोई सुई 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से 12 cm दूर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा आवर्धन लिखिए। क्या होता है जब सुई को दर्पण से दूर ले जाते हैं? वर्णन कीजिए।

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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दर्पण-सूत्र का उपयोग यह व्युत्पन्न करने के लिए कीजिए कि अवतल दर्पण के ध्रुव तथा फोकस के बीच रखे बिंब का आभासी तथा बड़ा प्रतिबिंब बनता है।

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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आपने सीखा है कि समतल तथा उत्तल दर्पण सदैव आभासी प्रतिबिंब बनाते हैं। क्या ये दर्पण किन्हीं परिस्थितियों में वास्तविक प्रतिबिंब बना सकते हैं? स्पष्ट कीजिए।

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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हम सदैव कहते हैं कि आभासी प्रतिबिंब को परदे पर केन्द्रित नहीं किया जा सकता। यद्यपि जब हम किसी आभासी प्रतिबिंब को देखते हैं तो हम इसे स्वाभाविक रूप में अपनी आँख की स्क्रीन (अर्थात् रेटिना) पर लेते हैं। क्या इसमें कोई विरोधाभास है?

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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