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Science (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-

डिजिटल युग और मैं

[5] लेखन कौशल्य
Chapter: [5] लेखन कौशल्य
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दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-

परीक्षा तनाव के कारण व इसे रोकने के उपाये

[5] लेखन कौशल्य
Chapter: [5] लेखन कौशल्य
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दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-

उच्च शिक्षा हेतु छात्रों का विदेशों को पलायन

[5] लेखन कौशल्य
Chapter: [5] लेखन कौशल्य
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निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी में यशोधर बाबू को अपने बच्चों की आकर्षक आय ‘समहाउ इंप्रापर’ क्यों लगती है?

[2.1] सिल्वर वैडिंग
Chapter: [2.1] सिल्वर वैडिंग
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बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे?

[1.01] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [1.01] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
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दिन जल्दी-जल्दी ढलता है- की आवृत्ति से कविता की किस विशेषता का पता चलता है?

[1.01] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
Chapter: [1.01] हरिवंश राय बच्चन : आत्मपरिचय, एक गीत
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'सबसे तेज़ बौछारें गयीं, भादों गया' के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में करें।

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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सोचकर बताएँ कि पतंग के लिए सबसे हलकी और रंगीन चीज़, सबसे पतला कागज़, सबसे पतली कमानी जैसे विशेषणों का प्रयोग क्यों किया है?
[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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बिंब स्पष्ट करें-
सबसे तेज़ बौछारें गयीं भादो गया
सवेरा हुआ
खरगोश की आँखों जैसा लाल सवेरा
शरद आया पुलों को पार करते हुए
अपनी नयी चमकीली साइकिल तेज़ चलाते हुए
घंटी बजाते हुए ज़ोर-ज़ोर से
चमकीले इशारों से बुलाते हुए और
आकाश को इतना मुलायम बनाते हुए
कि पतंग ऊपर उठ सके।

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास- कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का संबंध बन सकता है।

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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‘पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं’- बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है?

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़ कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  • छतों को भी नरम बनाते हुए 
    दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए
  • अगर वे कभी गिरते हैं छतों के खतरनाक किनारों से और बच जाते हैं तब तो और भी निडर होकर सुनहले सूरज के समान आते हैं।
  1. दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का क्या तात्पर्य है?
  2. जब पतंग सामने हो तो छतों पर दौड़ते हुए क्या आपको छत कठोर लगती है?
  3. खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद आप दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को कैसा महसूस करते हैं?
[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपके मन में कैसे खयाल आते हैं? लिखिए।

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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'रोमांचित शरीर का संगीत' का जीवन के लय से क्या संबंध है?

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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'महज़ एक धागे के सहारे, पतंगों की धड़कती ऊँचाइयाँ' उन्हें (बच्चों को) कैसे थाम लेती हैं? चर्चा करें।

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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हिंदी साहित्य के विभिन्न कालों में तुलसी, जायसी, मतिराम, द्विजदेव, मैथिलीशरण गुप्त आदि कवियों ने भी शरद ऋतु का सुंदर वर्णन किया है। आप उन्हें तलाश कर कक्षा में सुनाएँ और चर्चा करें कि पतंग कविता में शरद ऋतु वर्णन उनसे किस प्रकार भिन्न हैं?
[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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आपके जीवन में शरद ऋतु क्या मायने रखती है?

[1.02] आलोक धन्वा : पतंग
Chapter: [1.02] आलोक धन्वा : पतंग
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इस कविता के बहाने बताएँ कि 'सब घर एक कर देने के माने' क्या है?

[1.03] कुँवर नारायण : कविता के बहाने, बात सीधी थी पर
Chapter: [1.03] कुँवर नारायण : कविता के बहाने, बात सीधी थी पर
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'उड़ने' और 'खिलने' का कविता से क्या संबंध बनता है?

[1.03] कुँवर नारायण : कविता के बहाने, बात सीधी थी पर
Chapter: [1.03] कुँवर नारायण : कविता के बहाने, बात सीधी थी पर
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कविता के संदर्भ में 'बिना मुरझाए महकने के माने' क्या होते हैं?

[1.03] कुँवर नारायण : कविता के बहाने, बात सीधी थी पर
Chapter: [1.03] कुँवर नारायण : कविता के बहाने, बात सीधी थी पर
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