मराठी

इस कविता के बहाने बताएँ कि 'सब घर एक कर देने के माने' क्या है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस कविता के बहाने बताएँ कि 'सब घर एक कर देने के माने' क्या है?

थोडक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

सब घर एक देने के माने का अर्थ है कि सभी को अपना घर बना लेना। बच्चों के लिए अपना-पराया कुछ नहीं होता है। जहाँ उन्हें प्यार मिलता है, वे वहीं के हो जाते हैं। यही कारण है कि बच्चे पड़ोसियों के साथ भी वैसे ही रहते हैं, जैसे अपने माता-पिता के साथ रहते हैं। वे किसी सीमा को नहीं समझते हैं। वे उन सीमाओं को तोड़कर एकता स्थापित कर देते हैं। ऐसे ही कविताएँ होती हैं। कविता यह नहीं देखती कि उसे हिन्दू पढ़ रहा है या अन्य कोई धर्म या जाति का व्यक्ति। वे सारी सीमाएँ तोड़कर प्रेम तथा एकता का सूत्र कायम कर देती हैं। वे समाज तथा सभी देशों की सीमाओं को एकसूत्र में पिरो देती हैं।
shaalaa.com
कविता के बहाने
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर) - अभ्यास [पृष्ठ १९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
पाठ 3 कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १९
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×