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इस कविता के बहाने बताएँ कि ‘सब घर एक कर देने के माने’ क्या है?

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प्रश्न

इस कविता के बहाने बताएँ कि ‘सब घर एक कर देने के माने’ क्या है?

लघु उत्तरीय
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उत्तर

कवि कुंवर नारायण सिंह के अनुसार जिस प्रकार बच्चे खेलते समय अपनी सीमाएँ और भेदभाव भूल जाते हैं, उसी प्रकार यदि कविता को भी एक खेल की तरह देखा जाए तो वह शब्दों का खेल बन जाती है। कवि का मानना है कि कवियों को लोकहित में कविता लिखनी चाहिए और रचना करते समय अपने तथा किसी विशेष वर्ग के अंतर को भूल जाना चाहिए।

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कविता के बहाने
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अध्याय 3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर) - अभ्यास [पृष्ठ १९]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 Class 12
अध्याय 3 कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १९
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