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'उड़ने' और 'खिलने' का कविता से क्या संबंध बनता है?

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प्रश्न

'उड़ने' और 'खिलने' का कविता से क्या संबंध बनता है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

पक्षी आकाश में उड़ते हैं तथा फूल जगह-जगह खिलते हैं। कविता में पक्षियों के समान उड़ने की तथा फूल के समान खिलने की विशेषता होती है। लेकिन ये विशेषताएँ उसे किसी सीमा में नहीं बाँधती। ये विशेषताएँ उसे गहराई तथा व्यापकता देती है। पक्षी एक समय तक ही उड़ सकते हैं तथा फूल खिलकर समाप्त हो जाते हैं लेकिन कविता में ऐसा नहीं होता है। वह अपने निर्माण के साथ ही उड़ान भरती है और सदियों तक इस उड़ान को कायम रखती है, वह फूल के समान स्वरूप पाकर खिलती है। उसका खिलना एक समय के लिए नहीं होता बल्कि वह भी सदियों तक खिलकर लोगों के हृदय को आनंदित करती है। इसलिए 'उड़ने' और 'खिलने' का कविता से गहरा संबंध बनता है।
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कविता के बहाने
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अध्याय 3: कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर) - अभ्यास [पृष्ठ १९]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 3 कुँवर नारायण (कविता के बहाने, बात सीधी थी पर)
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १९
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