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Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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कविता में आए महाभारत के कथा-प्रसंगों को जानिए।

[1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
Chapter: [1.05] विष्णु खरे : (क) एक कम, (ख) सत्य
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'पत्थर' और 'चट्टान' शब्द किसके प्रतीक हैं?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
मिट्टी में रस होगा ही जब वह पोसेगी बीज को
हम इसको क्या कर डालें इस अपने मन की खीज को?
गोड़ो गोड़ो गोड़ो

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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कविता का आरंभ 'तोड़ो तोड़ो तोड़ो' से हुआ है और अंत 'गोड़ो गोड़ो गोड़ो' से। विचार कीजिए कि कवि ने ऐसा क्यों किया?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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ये झूठे बंधन टूटें
तो धरती को हम जानें
यहाँ पर झूठे बंधनों और धरती को जानने से क्या अभिप्राय हैं?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
Chapter: [1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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'आधे-आधे गाने' के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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मिट्टी और बीज से संबंधित और भी कविताएँ हैं, जैसे सुमित्रानंदन पंत की 'बीज'। अन्य कवियों की ऐसी कविताओं का संकलन कीजिए और भित्ति पत्रिका में उनका उपयोग कीजिए।

[1.06] रघुवीर सहाय : (क) वसंत आया, (ख) तोड़ो
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राम के वन-गमन के बाद उनकी वस्तुओं को देखकर माँ कौशल्या कैसा अनुभव करती हैं? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
Chapter: [1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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'रहि चकि चित्रलिखी सी' पंक्ति का मर्म अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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गीतावली से संकलित पद 'राघौ एक बार फिरि आवौ' मैं निहित करुणा और संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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पाठ के किन्हीं चार स्थानों पर अनुप्रास के स्वाभाविक एवं सहज प्रयोग हुए हैं उन्हें छाँटकर लिखिए?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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'सेह फिरत अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए' से लेखक का क्या आशय है?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढ़ने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहलो न जाए।
सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पतिआए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल।।

सेहो मधुर बोल स्रवनहि सूनल स्रुति पथ परस न गेल।।
[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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