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पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्या याद रखने को कहा है और क्यों?
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पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
'कर चले हम फ़िदा' गीत में कवि देशवासियों से क्या अपेक्षाएँ रखता है? हम उसकी अपेक्षाओं पर किस रूप में खरा उतर रहे हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
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पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
हरिहर काका और टोपी शुक्ला दोनों ही भरे-पूरे परिवार से संबंधित होते हुए भी अकेले थे। दोनों के अकेलेपन के कारणों की समीक्षा कीजिए।
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पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
'सपनों के से दिन' पाठ में बच्चों को स्कूल जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, क्यों? कारण सहित उत्तर स्पष्ट करते हुए बताइए कि स्कूल जाने के संबंध में आपका क्या अनुभव है?
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पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
इफ़्फ़न के पिता के तबादले के बाद टोपी शुक्ला का कोई और मित्र क्यों नहीं बन सका? इसका उसके बालमन पर क्या प्रभाव पड़ा?
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आपका नाम मुदित/मुदिता है प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रवेश हेतु प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक दृष्टि से कमज़ोर, प्रतिभाशाली छात्रों के लिए निःशुल्क शिक्षण की जो व्यवस्था की गई है, उसकी सराहना करते हुए किसी दैनिक हिन्दी समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
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'आज़ादी के अमृत महोत्सव' पर आयोजित की जाने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों के अभ्यास हेतु सांकृतिक कला सचिव की ओर से स्कूल के प्रधानाचार्य को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए जिसमें प्रार्थना सभा के दौरान अभ्यास की अनुमति माँगी गई हो।
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'पारिवारिक संतापों से मुक्ति पाने के लिए मीरा ने घर-द्वार छोड़ दिया था।' - रचना की दृष्टि से यह वाक्य है:
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'मैं लताड़ सुनकर आँसू बहाने लगता।' - इसका संयुक्त वाक्य बनेगा -
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निम्नलिखित में मिश्र वाक्य है -
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“जैसे ही वामीरो कुछ सचेत हुई, वह घर की तरफ़ दौड़ पड़ी।” - रचना की दृष्टि से यह वाक्य है:
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“ग्वालियर में जो हमारा मकान था उसके दालान में दो रोशनदान थे।” - इसका संयुक्त वाक्य बनेगा:
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आपका नाम देवांश/देवांशी है। आप अपने घर के पास स्थित बैंक में बचत खाता खुलवाना चाहते हैं। अपेक्षित दस्तावेज़ों की जानकारी प्राप्त करने हेतु बैंक प्रबंधक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
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आपका नाम अंकित/अंकिता है। तकनीकी संस्थानों में प्रवेश हेतु प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक दृष्टि से कमजोर, प्रतिभाशाली छात्रों के लिए निःशुल्क शिक्षण की जो व्यवस्था की गई है, उसकी सराहना करते हुए किसी दैनिक हिन्दी समाचार-पत्र के संपादक का लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
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'मुझमें और तुममें पाँच साल का अंतर है।' - वाक्य रचना की दृष्टि से है:
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“कई बार मुझे डाँटने का अवसर पाकर भी उन्होंने धीरज से काम लिया।" - वाक्य का संयुक्त वाक्य होगा।
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निम्नलिखित वाक्यों में मिश्र वाक्य है:
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“जैसे ही वामीरो घर पहुँची भीतर ही भीतर बेचैनी महसूस करने लगी।" - रचना की दृष्टि से यह वाक्य है -
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“जो नहीं जा सके उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।” - वाक्य का सरल वाक्य बनेगा:
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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
| कभी-कभी सहज से तेज़ गति में परिवर्तित होते क्रोध को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो उसके परिणाम उत्यंत घातक और पश्चाताप के भाव जगाने वाले हो सकते हैं। कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के मनोविश्लेषक टॉम जी. स्टीवेन्स ने अपनी किताब 'ओवरकम एंगर ऐंड एग्रेसन' में स्पष्ट किया है कि क्रोध-नियंत्रण का एक प्रमुख तरीका यह है कि स्थिति को अपने नहीं, दूसरों के नज़रिए से देखें। दूसरों को उन स्थितियों पर प्रकाश डालने के लिए प्रोत्साहित करें, क्षमा करना सीखें, बीते को बिसारने की आदत विकसित करें और किसी को चोट पहुँचाने के बजाए प्रशंसा से उसका मूल्यांकन करें। याद रखें, क्रोध-नियंत्रण से आप स्वयं शक्तिशाली बनाते हैं। इससे आपकी खुशहाली और स्मृतियों का विस्तार होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ सिनियाटी के वैज्ञानिकों ने अपनी किताब 50 साइंस ऑफ मेंटल इलनेस में इन कमज़ोरियों पर प्रकाश डालते हुए गुस्से को काबू में रखने के कारगर सूत्र दिए हैं। क्रोध-नियंत्रण से हम अपना ही नहीं, दूसरों के उजड़ते संसार को फिर से आबाद कर सकते हैं क्योंकि शांत मन सृजन में समर्थ होता है। हमारे सृजनात्मक होने से ही मानवता का हित सध सकता है। तो जब भी क्रोध आए, तो इन उपायों को आजमाएँ। जीवन में बिखरी हुई चीजों को सँवारने की ओर कदम खुद बढ़ चलेंगे। |
- क्रोध-नियंत्रण से होने वाले लाभों के संबंध में अनुपयुक्त कथन है।
(a) इससे व्यक्ति स्वयं को शक्तिशाली बनाता है।
(b) इससे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आती है।
(c) इससे व्यक्ति की विस्मृतियों का विस्तार होता है।
(d) इससे व्यक्ति की रचनात्मकता में वृद्धि होती है। - किस तरह का क्रोध अंततः पश्चात्ताप का कारण बनता है?
(a) अत्यंत आवेग में किया गया क्रोध
(b) सहज भाव से किया गया क्रोध
(c) प्रायश्चित भाव से किया गया क्रोध
(d) आत्मघात भाव से किया गया क्रोध - मनोविश्लेषक स्टीवेन्स के अनुसार क्रोध पर काबू पाने पर सर्वोपयुक्त उपाय है।
(a) परिस्थितियों पर दूसरों के नियंत्रण को स्वीकार करना।
(b) परिस्थितियों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना।
(c) परिस्थितियों को अपने नज़रिए से और अच्छे से समझना।
(d) परिस्थितियों को दूसरों के नज़रिए से जानने का प्रयास करना। - क्रोध आने पर क्या करना चाहिए?
(a) उसकी असहज अभिव्यक्ति
(b) उसकी सहज अभिव्यक्ति
(c) संयमित रहने का प्रयत्न
(d) घातक परिणाम का स्मरण - निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन (A) - क्रोध नवसृजन का संहारक है।
कारण (R) - क्रोध अवस्था में क्षमाशीलता न्यून हो जाती है।
(a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(b) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।
(c) कथन (A) सही है तथा कारण (R) उसकी सही व्याख्या है।
(d) कथन (A) सही है तथा कारण (R) उसकी सही व्याख्या नहीं है।
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