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English Medium इयत्ता १० - CBSE Important Questions

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निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए - 

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
इहाँ कुम्हड़बातिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी।।
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहू पा परिअ तुम्हारें।।

  1. परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
    A. राम को भयभीत करने के लिए
    B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
    C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
    D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए
  2. निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
    A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
    B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
    C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
    D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।।
  3. रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
    A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
    B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
    C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
    D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर
  4. 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
    A. व्यंग्य
    B. हास्य
    C. क्रोध
    D. वैराग्य
  5. उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
    A. वीरता
    B. धैर्य
    C. शिष्टता
    D. विनम्रता
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Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में परशुराम बार-बार विश्वामित्र से लक्ष्मण की शिकायत क्यों कर रहे हैं?

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Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण ने अपने कुल की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है? (किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए।)

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Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

लक्ष्मण ने वीरों के क्या लक्षण बताए?

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Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'राम-लक्ष्मण-परशुराम' के तीनों मुख्य पात्रों में से किससे आप सर्वाधिक प्रभावित होते हैं और क्यों?

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Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' के अंतर्गत लक्ष्मण वीरों और कायरों की कौन-सी विशेषताएँ बताते हैं और क्यों?

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Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में 'अभी समय भी नहीं' कवि ऐसा क्यों कहता है?

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Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: आत्मकथ्य

आत्मकथा लिखने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है? कवि के लिए यह कार्य कठिन क्यों था? सोचकर लिखिए।

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Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: आत्मकथ्य

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'आत्मकथ्य' में कवि आत्मकथा न लिखने के लिए जिन तर्कों का सहारा ले रहा है उनमें से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।

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Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: आत्मकथ्य

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

इस वर्ष पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता है जिसमें आत्मकथा लेखन के विषय में कवि ने अपनी राय व्यक्त की है? आत्मकथा के विषय में कवि के विचारों में से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए।

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Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: आत्मकथ्य

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'कथा के सीवन को उधेड़ने' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि के लिए आत्मकथा लिखना सीवन उधेड़ने जैसा क्यों है?

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Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: आत्मकथ्य

‘उत्साह’ कविता के शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।

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Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: उत्साह

इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में फागुन के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है? उसे अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।

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Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: अट नहीं रही है

आपके पाठ्यक्रम की किस कविता में कवि ने बादल से फुहार, रिमझिम तथा बरसने के स्थान पर गरजने के लिए कहा है? इस आहवान का क्या कारण है? अपने शब्दों में लिखिए।

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Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: उत्साह

'अट नहीं रही' कविता के आधार पर लिखिए कि फाल्गुन में प्रकृति में क्या-क्या बदलाव आते हैं?

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Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: अट नहीं रही है

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'उत्साह' कविता क्रांति और बदलाव की कविता किस प्रकार है? किन्हीं दो बिंदुओं से स्पष्ट कीजिए।

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Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: उत्साह

विश्व के सभी जन गर्मी और अन्याय से किस मनोदशा में थे? 'उत्साह' कविता के आधार पर लिखिए -

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Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: उत्साह

पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता पूरी तरह प्रकृति के सौंदर्य पर केंद्रित है? उसमें वर्णित प्राकृतिक सुंदरता के किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।

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Chapter: [1.05] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : उत्साह और अट नहीं रही है
Concept: अट नहीं रही है

‘पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

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Chapter: [1.06] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
Concept: यह दंतुरित मुसकान

'फ़सल' कविता में 'फ़सल' की श्रेष्ठ परिभाषा के साथ प्रकाश में आए अन्य बिंदु हैं-

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Chapter: [1.06] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
Concept: फसल
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