मराठी

साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

‘साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है।’ इस कथन पर ‘राम लक्ष्मण परशुराम संवाद’ पाठ के आधार पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

लघु उत्तर
सविस्तर उत्तर
Advertisements

उत्तर १

साहस और शक्ति ये दो गुण एक व्यक्ति को (वीर) श्रेष्ठ बनाते हैं। यदि किसी व्यक्ति में साहस विद्यमान है तो शक्ति स्वयं ही उसके आचरण में आ जाएगी परन्तु जहाँ तक एक व्यक्ति को वीर बनाने में सहायक गुण होते हैं वहीं दूसरी ओर इनकी अधिकता एक व्यक्ति को अभिमानी व उद्दंड बना देती है। कारणवश या अकारण ही वे इनका प्रयोग करने लगते हैं। परन्तु यदि विन्रमता इन गुणों के साथ आकर मिल जाती है तो वह उस व्यक्ति को श्रेष्ठतम वीर की श्रेणी में ला देती है जो साहस और शक्ति में अहंकार का समावेश करती है। विनम्रता उसमें सदाचार व मधुरता भर देती है, वह किसी भी स्थिति को सरलता पूर्वक शांत कर सकती है। जहाँ परशुराम जी साहस व शक्ति का संगम है। वहीं राम विनम्रता, साहस व शक्ति का संगम है। उनकी विनम्रता के आगे परशुराम जी के अहंकार को भी नतमस्तक होना पड़ा नहीं तो लक्ष्मण जी के द्वारा परशुराम जी को शांत करना सम्भव नहीं था।

shaalaa.com

उत्तर २

साहस और शक्ति के बिना विनम्रता कमज़ोरी बन जाती है, जबकि इनके साथ विनम्रता का होना व्यक्ति को श्रेष्ठ और आदरणीय बनाता है। पाठ में श्री राम इसके उत्तम उदाहरण हैं, जो शक्तिशाली होते हुए भी परशुराम के क्रोध के सामने शांत और विनम्र बने रहते हैं। इसके विपरीत, लक्ष्मण का उग्र स्वभाव और तीखे वचन विवाद को और भी बढ़ा देते हैं।

shaalaa.com

Notes

छात्र अपने प्रश्न और गुण के अनुसार उत्तर लिख सकते है।

राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
पाठ 2 तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ १४

संबंधित प्रश्‍न

परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।


लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।


भाव स्पष्ट कीजिए -

इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।


भाव स्पष्ट कीजिए-

गाधिसू नु कह हृदय हसि मुनिहि हरियरे सूझ।
अयमय खाँड़ न ऊखमय अजहुँ न बूझ अबूझ।।


निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।

बार बार मोहि लागि बोलावा||


“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”

आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।


अपने किसी परिचित या मित्र के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।


उन घटनाओं को याद करके लिखिए जब आपने अन्याय का प्रतिकार किया हो।


धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा?


लक्ष्मण के वाक्चातुर्य पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।


लक्ष्मण ने परशुराम और उनके सुयश पर किस तरह व्यंग्य किया?


‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


परशुराम के क्रोधित होने का कारण था -


निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए - 

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
इहाँ कुम्हड़बातिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी।।
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहू पा परिअ तुम्हारें।।

  1. परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
    A. राम को भयभीत करने के लिए
    B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
    C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
    D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए
  2. निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
    A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
    B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
    C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
    D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।।
  3. रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
    A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
    B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
    C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
    D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर
  4. 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
    A. व्यंग्य
    B. हास्य
    C. क्रोध
    D. वैराग्य
  5. उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
    A. वीरता
    B. धैर्य
    C. शिष्टता
    D. विनम्रता

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में परशुराम बार-बार विश्वामित्र से लक्ष्मण की शिकायत क्यों कर रहे हैं?


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण ने अपने कुल की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है? (किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए।)


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'राम-लक्ष्मण-परशुराम' के तीनों मुख्य पात्रों में से किससे आप सर्वाधिक प्रभावित होते हैं और क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×