SSC (English Medium)
SSC (Marathi Medium)
SSC (Marathi Semi-English)
Academic Year: 2024-2025
Date & Time: 30th June 2025, 11:00 am
Duration: 3h
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सूचना:
- सूचनाओं के अनुसार गद्य, पद्य, पूरक पठन तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की आकलन कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन का ही प्रयोग करें।
- रचना विभाग में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
- शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
आँख खुली तो मैंने अपने-आप को एक बिस्तर पर पाया। इर्द-गिर्द कुछ परिचित-अपरिचित चेहरे खड़े थे। आँख खुलते ही उनके चेहरों पर उत्सुकता की लहर दौड़ गई। मैंने कराहते हुए पूछा- “मैं कहाँ हूँ?” “आप सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में हैं। आपका ऐक्सिडेंट हो गया था। सिर्फ पैर का फ्रैक्चर हुआ है। अब घबराने की कोई बात नहीं।” एक चेहरा इतनी तेजी से जवाब देता है, लगता है मेरे होश आने तक वह इसलिए रुका रहा। अब मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ। मेरी एक टाँग अपनी जगह पर सही-सलामत थी और दूसरी टाँग रेत की थैली के सहारे एक स्टैंड पर लटक रही थी। मेरे दिमाग में एक नये मुहावरे का जन्म हुआ। ‘टाँग का टूटना’ यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन रहना। सार्वजनिक अस्पताल का ख्याल आते ही मैं काँप उठा। अस्पताल वैसे ही एक खतरनाक शब्द होता है, फिर यदि उसके साथ सार्वजनिक शब्द चिपका हो तो समझो आत्मा से परमात्मा के मिलन होने का समय आ गया। अब मुझे यूँ लगा कि मेरी टाँग टूटना मात्र एक घटना है और सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना दुर्घटना। |
(1) आकृति में लिखिए: 2

(2) एक या दो शब्दों में उत्तर लिखिए: 2
- लेखक को यहाँ भरती किया गया था - ........
- यह एक खतरनाक शब्द होता है - ........
- आँख खुलने पर लेखक ने अपने-आप को यहाँ पाया - ........
- लेखक के दिमाग में जन्मा नया मुहावरा - ........
(3) गद्यांश में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्द लिखिए: 2
- ........
- ........
- ........
- ........
(4) ‘सार्वजनिक अस्पताल की स्थिति’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
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आम तौर से माना जाता है कि रुपया, नोट या सोना-चाँदी का सिक्का ही संपत्ति है, लेकिन यह ख्याल गलत है क्योंकि ये तो संपत्ति के माप-तौल के साधन मात्र हैं। संपत्ति तो वे ही चीजें हो सकती हैं जो किसी-न-किसी रूप में मनुष्य के उपयोग में आती हैं। उनमें से कुछ ऐसी हैं जिनके बिना मनुष्य जिंदा नहीं रह सकता एवं कुछ, सुख-सुविधा और आराम के लिए होती हैं। अन्न, वस्त्र और मकान मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकताएँ हैं, जिनके बिना उसकी गुजर-बसर नहीं हो सकती। इनके अलावा दूसरी अनेक चीजें हैं जिनके बिना मनुष्य रह सकता है। प्रश्न उठता है कि संपत्तिरूपी ये सब चीजें बनती कैसे हैं? सृष्टि में जो नानाविध द्रव्य तथा प्राकृतिक साधन हैं, उनको लेकर मनुष्य शरीर श्रम करता है, तब यह काम की चीजें बनती हैं। अतः संपत्ति के मुख्य साधन दो हैं: सृष्टि के द्रव्य और मनुष्य का शरीर श्रम। यंत्र से कुछ चीजें बनती दिखती हैं पर वे यंत्र भी शरीर श्रम से बनते हैं और उनको चलाने में भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शरीर श्रम की आवश्यकता होती है। केवल बौद्धिक श्रम से कोई उपयोग की चीज नहीं बन सकती अर्थात बिना शरीर श्रम के संपत्ति का निर्माण नहीं हो सकता। |
- गद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए: 2
- संपत्ति के माप-तौल के साधन -
- ........
- ........
- संपत्ति के मुख्य साधन -
- ........
- ........
- संपत्ति के माप-तौल के साधन -
- निम्नलिखित विधान सही अथवा गलत पहचानकर लिखिए: 2
- यंत्र शरीर श्रम से बनते हैं। .......
- बौद्धिक श्रम से ही उपयोग की चीज बनती हैं। .......
- अन्न, वस्त्र और मकान मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकताएँ नहीं हैं। .......
- बिना शरीर श्रम के संपत्ति का निर्माण नहीं हो सकता - .......
-
- वचन परिवर्तन कीजिए: 1
- यंत्र - ........
- चीज - ........
- निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में प्रयुक्त विलोम शब्द लिखिए: 1
- मृत × ........
- मानवनिर्मित × ........
- वचन परिवर्तन कीजिए: 1
- ‘श्रम ही पूजा है’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
हिंदुस्तान में तुलसीदास भी प्रसिद्ध हैं और तुलसी का बिरवा भी, बल्कि अगर यों कहें कि यहाँ जनजीवन में तुलसी का पौधा बहुत महत्त्वपूर्ण है तो अत्युक्ति न होगी। अधिकांश घरों में तुलसी का पौधा पाया जाता है, जिसकी कि स्त्रियाँ पूजा करती हैं। ग्रामीण या आम भाषा में लोग इसे तुलसा भी कहते हैं। इसी तुलसी के संबंध में विशेष बात यह है कि इसे बहुत उपयोगी माना गया है। सर्दी, खाँसी के साथ विविध बीमारियों में तुलसी का सेवन किया जाता है। अंग्रेजी में इसे ‘बेसिल’ या ‘सेक्रेड बेसिल’ यानी पवित्र तुलसी कहते हैं। और इसीलिए पवित्रता का बोध कराने के लिए अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक नामकरण में, जो कि लैटिन भाषा में होता है, इसे ‘ओसिमम सैक्टम’ कहा गया है। अंग्रेजी का बेसिल शब्द ग्रीक भाषा के ‘बसिलिकोन’ शब्द से व्युत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है राजसी। फ्रांस वाले इसीलिए इसे ‘ल प्लांती रोयली’ अर्थात राजसी पौधा कहते हैं। |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाकर फिर से लिखिए: 2
| ‘अ’ | ‘आ’ |
| (i) हिंदुस्तान | (अ) बेसिल |
| (ii) अंग्रेजी नाम | (आ) ग्रामीण भाषा |
| (iii) राजसी पौधा | (इ) ओसिमम सैक्टम |
| (iv) वैज्ञानिक नाम | (ई) तुलसीदास |
| (उ) ल प्लांती रोयली |
(2) ‘बहुपयोगी तुलसी’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| फागुन के दिन चार होरी खेल मना रे। बिन करताल पखावज बाजै, अणहद की झनकार रे। बिन सुर राग छतीसूँ गावै, रोम-रोम रणकार रे।। सील संतोख की केसर घोली, प्रेम-प्रीत पिचकार रे। उड़त गुलाल लाल भयो अंबर, बरसत रंग अपार रे।। घट के पट सब खोल दिए हैं, लोकलाज सब डार रे। ‘मीरा’ के प्रभु गिरिधर नागर, चरण कँवल बलिहार रे।। |
- एक शब्द में उत्तर लिखिए: 2
- फागुन के इतने दिन - ......
- आकाश इस रंग का हुआ - ......
- करताल पखावज के बिना निर्माण नाद - ......
- मीरा के प्रभु का नाम - ......
- पद्यांश में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए: 2
- अंबर - ......
- कँवल - ......
- होरी - ......
- संतोखि - ......
-
अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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वे रोष में आकर बोलें - स्वर्ण दो स्वर्ण! मैंने जोश में आकर कहा - सुवर्ण मैंने अपने काव्य में बिखेरे हैं उन्हें कैसे दे दूँ। वे झुँझलाकर बोले, तुम समझे नहीं हमें तुम्हारा अनधिकृत रूप से अर्जित अर्थ चाहिए मैं मुसकाकर बोला, अर्थ मेरी नई कविताओं में है तुम्हें मिल जाए तो ढूँढ़ लो वे कड़ककर बोले, चाँदी कहाँ है? मैं भड़ककर बोला - मेरे बालों में आ रही है धीरे-धीरे वे उद्भ्रांत होकर बोले, यह बताओ तुम्हारे नोट कहाँ हैं? |
(1) प्रवाह-तालिका पूर्ण कीजिए: 2

(2)
(i) निम्न शब्दों के भिन्नार्थ लिखिए: 1
नोट:
- .........
- .........
(ii) पद्यांश में प्रयुक्त दो तत्सम शब्द ढूँढ़कर लिखिए: 1
- .........
- .........
(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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कुछ दिनों पहले एक कंप्यूटर ने मुझे चालीस हजार रुपयों में खरीदा है! आज-कल उसकी गुलामी में हूँ। उसके नखरों को सिर झुकाकर झेलने में ही अपना कल्याण देख रहा हूँ। उसका वादा है कि एक दिन वह मुझे लिखने-पढ़ने की पूरी आजादी देगा। फिलहाल उसकी एकनिष्ठ सेवा में ही मेरा उज्ज्वल भविष्य है। इसके पहले एक मोटर मुझे भारी दामों में खरीद चुकी है। उसकी सेवा में भी हूँ। दरअसल, चीजों का एक पूरा परिवार है जिसकी सेवा में हूँ। आदमी का स्वभाव नहीं बदलता या बहुत कम बदलता है। गुलामी करना-करवाना उसके स्वभाव में है। सिर्फ तरीके बदले हैं, गुलामी की प्रवृत्ति नहीं। हजारों साल पहले एक आदमी मालिक होता था और उसके दर्जनों गुलाम होते थे। अब हर चीज के दर्जनों गुलाम होते हैं। |
- उचित घटनाक्रम लगाकर वाक्य फिर से लिखिए: 2
- सिर्फ तरीके बदले हैं, गुलामी की प्रवृत्ति नहीं।
- अब हर चीज के दर्जनों गुलाम होते हैं।
- एक कंप्यूटर ने मुझे चालीस हजार रुपयों में खरीदा है।
- आदमी का स्वभाव नहीं बदलता।
- ‘गुलामी एक कलंक’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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यह वह मिट्टी, जिस मिट्टी में खेले थे यहाँ ध्रुव-से बच्चे। यह मिट्टी, हुए प्रहलाद जहाँ, जो अपनी लगन के थे सच्चे। शेरों के जबड़े खुलवाकर, थे जहाँ भरत दतुली गिनते, जयमल-पत्ता अपने आगे, थे नहीं किसी को कुछ गिनते! इस कारण हम तुमसे बढ़कर, हम सबके आगे चुप रहिए। अजी चुप रहिए, हाँ चुप रहिए। हम उस धरती के लड़के हैं...... |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए: 2

(2) ‘भारत के वीर सपूतों की विशेषताएँ’ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
वह तुम्हारी लाड़ली बेटी उमा तो मुँह फुलाए पड़ी है।
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
के लिए
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
जी हाँ
Chapter:
कृति पूर्ण कीजिए:
| संधि शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
| ......... | दु: + साहस | ......... |
Chapter:
निम्नलिखित शब्द का संधि विच्छेद कीजिए और भेद लिखिए:
| संधि शब्द | संधि विच्छेद | संधि भेद |
| सज्जन | ....... | ....... |
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
ठाकुर जी के चरणों में रख दिया।
| सहायक क्रिया | मूल रूप |
| ......... | ......... |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
दूसरे दिन वे अपनी पीड़ा न रोक सके।
| सहायक क्रिया | मूल रूप |
| ......... | ......... |
Chapter:
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निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
| क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
| माँगना | ............. | ............. |
Chapter:
निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
| क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
| पीसना | ............. | ............. |
Chapter:
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
निछावर करना -
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
बोलबाला होना -
Chapter:
निम्न वाक्य में अधोरेखांकित शब्द समूह के लिए कोष्ठक में दिए गए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए:
(इज्जत उतारना, हाथ फेरना, काँप उठना, तिलमिला जाना, दुम हिलाना, बोलबाला होना)
क्या आपने मुझे अपमानित करने के लिए यहाँ बुलाया था?
वाक्य = ..........
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
यह मछुआरों की पहली पसंद है।
| कारक चिह्न | कारक भेद |
| ............ | ............ |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
उसके गले में रस्सी थी।
| कारक चिह्न | कारक भेद |
| ............ | ............ |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विरामचिन्हों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
क्या करूँ मजबूरी है
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचना के अनुसार काल परिवर्तन किजिए:
मैं पढ़ना शुरू करूँगा। (पूर्ण भूतकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचना के अनुसार काल परिवर्तन किजिए:
काकी ने पिटारी को फिर टटोला। (सामान्य भविष्यकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचना के अनुसार काल परिवर्तन किजिए:
विषमता दूर करने में कानून भी कुछ मदद देता है। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter:
रचना के आधार पर वाक्य के भेद पहचानकर लिखिए:
वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें दोनों हाथों से झटककर बोली।
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
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निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
क्या मैंने घंटों बैठकर उसके काम करने के ढंग को नहीं देखा है? (विधानार्थक वाक्य)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
तुम्हें अपना ख्याल रखना चाहिए। (आज्ञार्थक वाक्य)
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
ड्राइवर को चाभी माँगा।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
गाय को दूध देना बंद कर दी।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
नेत्रहीनों का चमत्कार देखा है।
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
मोहन/मोहिनी ‘गुरुकुल छात्रावास’, गांधी मार्ग, कोल्हापुर से नांदेड में रहने वाले अपने पिताजी को विद्यालय द्वारा आयोजित सैर में सम्मिलित होने के लिए अनुमति की माँग करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
रोहन/रोहिणी वर्मा, गंगा निवास, सावरकर मार्ग, मुंबई से स्वास्थ्य अधिकारी, महानगर निगम, मुंबई को अशुद्ध जलापूर्ति की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter:
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
| समय की पाबंदी का उद्देश्य है अपने कार्य को मन लगाकर ठीक समय पर, निश्चित अवधि के भीतर सफलतापूर्वक पूर्ण करना। जो लोग समय के पाबंद होते हैं, उन्हें अपने कार्य करने के लिए किसी की प्रेरणा या किसी के अनुरोध की आवश्यकता नहीं होती बल्कि उनकी आत्मा ही उन्हें अपने प्रत्येक कार्य में प्रवृत्त करती है। समय की पाबंदी करने वाले उत्साही और फुर्तीले होते हैं, अपने कार्यों को योजनाबद्ध रीति से करते हैं और अपने काम के समय का पूरा-पूरा उपयोग करने का ध्यान रखते हैं। ऐसे मनुष्य आमोद-प्रमोद के लिए, अपने मित्रों और सगे-संबंधियों से मिलने-जुलने के लिए तथा विश्राम और शयन के लिए उचित अवकाश भी निकाल लेते हैं परंतु इसके विपरीत समय की पाबंदी की उपेक्षा करने वाले लोग तनाव में रहते हैं, उनका समय इधर-उधर आलस्य और प्रमाद करने में व्यर्थ ही व्यतीत हो जाता है और वे सदा काम के बोझ की शिकायत करते रहते हैं। |
Chapter:
निम्नलिखित जानकारियों के आधार पर 60 से 80 शब्दों में रोचक वृत्तांत तैयार कीजिए:
महात्मा गांधी विद्यालय, सातारा में मनाए गए ‘शिक्षक दिवस समारोह’ का 60 से 80 शब्दों में वृत्तांत लेखन कीजिए:
(वृत्तांत लेखन में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है।)
Chapter:
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
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दो मित्र - सागर में तूफान - नौका का टूटना - दोनों का एक ही तख्ते का सहारा लेना - तख्ता केवल एक का भार सँभालने में समर्थ - “मेरी माँ को सँभालो” यह कहकर अविवाहित मित्र का तख्ते को छोड़ देना - दूसरे का बचना - सीख। |
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:

Chapter:
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
प्रदूषण एक समस्या
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
अस्पताल में एक घंटा
Chapter:
निबंध लेखन -
एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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