Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
वे रोष में आकर बोलें - स्वर्ण दो स्वर्ण! मैंने जोश में आकर कहा - सुवर्ण मैंने अपने काव्य में बिखेरे हैं उन्हें कैसे दे दूँ। वे झुँझलाकर बोले, तुम समझे नहीं हमें तुम्हारा अनधिकृत रूप से अर्जित अर्थ चाहिए मैं मुसकाकर बोला, अर्थ मेरी नई कविताओं में है तुम्हें मिल जाए तो ढूँढ़ लो वे कड़ककर बोले, चाँदी कहाँ है? मैं भड़ककर बोला - मेरे बालों में आ रही है धीरे-धीरे वे उद्भ्रांत होकर बोले, यह बताओ तुम्हारे नोट कहाँ हैं? |
(1) प्रवाह-तालिका पूर्ण कीजिए: 2

(2)
(i) निम्न शब्दों के भिन्नार्थ लिखिए: 1
नोट:
- .........
- .........
(ii) पद्यांश में प्रयुक्त दो तत्सम शब्द ढूँढ़कर लिखिए: 1
- .........
- .........
(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। 2
Advertisements
उत्तर
(1)

(2)
-
- टिप्पणी/संक्षिप्त लेख
- रुपया
-
- स्वर्ग
- काव्य
(3) अधिकारियों ने क्रोधित होकर कहा, “सोना दो, सोना!” कवि ने ‘सोना’ शब्द का अर्थ ‘सुवर्ण’ यानी श्रेष्ठता से जोड़ते हुए उत्तर दिया कि उन्होंने तो सुवर्ण अपने काव्य में बिखेर रखा है, उसे वे कैसे दे सकते हैं। कवि का यह उत्तर सुनकर अधिकारी झुंझला गए और बोले, “तुम हमारी बात समझ नहीं पाए।”
