मराठी

यदि NaCl को SrCl2 के 10-3 मोल % से डोपित किया जाए तो धनायनों की रिक्तियों का सान्द्रण क्या होगा?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

यदि NaCl को SrCl2 के 10-3 मोल % से डोपित किया जाए तो धनायनों की रिक्तियों का सान्द्रण क्या होगा?

संख्यात्मक
Advertisements

उत्तर

-NaCl को 10-3 mol % SrCl2 में डोपित किया गया है।

∴ NaCl के 100 mol SrCl2 के 10-3 mol में डोपित है।

∴ NaCl का 1 mol डोपित होगा = `10^-3/100`mol = SrCl2 के 10-5 mol में

प्रत्येक Sr2+ आयन एक धनायन रिक्तिका जनित करता है।

∴ धनायन रिक्तियों की संख्या = 10-5 mol/mol NaCl

= 10-5 × 6.02 × 1023 mol-1

= 6.02 × 1018 mol-1

shaalaa.com
एक एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों की संख्या
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित में विभेद कीजिए।

षट्कोणीय और एकनताक्ष एकक कोष्ठिका


निम्नलिखित में विभेद कीजिए।

फलक केन्द्रित तथा अंत्य-केन्द्रित एकक कोष्ठिका।


स्पष्ट कीजिए कि एक घनीय एकक कोष्ठिका के अन्तःकेन्द्र पर उपस्थित परमाणु का कितना भाग सन्निकट कोष्ठिका से सहभाजित होता है?


निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?

फलक-केन्द्रित घनीय


निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?

अन्तःकेन्द्रित


सोना (परमाणु त्रिज्या= 0.144 nm) फलक-केन्द्रित एकक कोष्ठिका में क्रिस्टलीकृत होता है। इसकी कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।


अंतः केंद्रित घनीय व्यवस्था में रिक्त स्थान का प्रतिशत ______ होता है।


KCl क्रिस्टल में पोटैशियम आयनों का आधिक्य उसमें बैंगनी अथवा कुमुदनी रंग उत्पन्न करता है क्योंकि ______.

  1. कुछ ऋणायनी स्थल एक अयुगलित इलेक्ट्रॉन द्वारा घिरे रहते हैं।
  2. कुछ ऋणायनी स्थल, एक इलेक्ट्रॉन युगल द्वारा घिरे रहते हैं।
  3. कुछ ऋणायनी स्थलों पर रिक्तिकाएँ होती हैं।
  4. F-केंद्र बनते हैं जो क्रिस्टल को रंग प्रदान करते हैं।

NaCl क्रिस्टल की एकक कोष्ठिका में चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं की संख्या ______ होती है।

  1. 4
  2. 8
  3. अष्टफलकीय रिक्तिका से दुगनी
  4. अष्टफलकीय रिक्तिका से चार गुनी

कॉलम I में दिए गए एकक कोष्ठिका के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए गुणों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) आद्य घनीय एकक कोष्ठिका (a) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: भिन्न होती है यानी a ≠ b ≠ c
(ii) अंत: केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका (b) प्रति एकक कोष्ठिका में परमाणुओं की संख्या एक होती है।
(iii) फलक केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका  (c) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: एकसमान होती है यानी a = b = c
(iv) अंत्य केंद्रित विषमलंबाक्ष
एकक कोष्ठिका 

(d) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या एक होती है।

  (e) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या तीन होती है।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×