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NaCl क्रिस्टल की एकक कोष्ठिका में चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं की संख्या ______ होती है। (i) 4 (ii) 8 (iii) अष्टफलकीय रिक्तिका से दुगनी

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प्रश्न

NaCl क्रिस्टल की एकक कोष्ठिका में चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं की संख्या ______ होती है।

  1. 4
  2. 8
  3. अष्टफलकीय रिक्तिका से दुगनी
  4. अष्टफलकीय रिक्तिका से चार गुनी
थोडक्यात उत्तर
रिकाम्या जागा भरा
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उत्तर

NaCl क्रिस्टल की एकक कोष्ठिका में चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं की संख्या 8 और अष्टफलकीय रिक्तिका से दुगनी होती है।

स्पष्टीकरण -

NaCl में CF आयनों की fcc व्यवस्था होती है। संकुलन में प्रति इकाई कोशिका में CF आयनों की संख्या = 4

चतुष्फलकीय रिक्तियों की संख्या = 2 × निविड संकुलन में उपस्थित कणों की संख्या = 2 × 4 = 8

चतुष्फलकीय रिक्तियों की संख्या = 2 × अष्टफलकीय रिक्तियों की संख्या

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एक एकक कोष्ठिका में अवयवी कणों की संख्या
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [पृष्ठ ९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q II. 45. | पृष्ठ ९

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित में विभेद कीजिए।

फलक केन्द्रित तथा अंत्य-केन्द्रित एकक कोष्ठिका।


स्पष्ट कीजिए कि एक घनीय एकक कोष्ठिका के कोने पर उपस्थित परमाणु का कितना भाग सन्निकट कोष्ठिका से सहभाजित होता है?


निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?

फलक-केन्द्रित घनीय


निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?

अन्तःकेन्द्रित


अंतः केंद्रित घनीय व्यवस्था में रिक्त स्थान का प्रतिशत ______ होता है।


KCl क्रिस्टल में पोटैशियम आयनों का आधिक्य उसमें बैंगनी अथवा कुमुदनी रंग उत्पन्न करता है क्योंकि ______.

  1. कुछ ऋणायनी स्थल एक अयुगलित इलेक्ट्रॉन द्वारा घिरे रहते हैं।
  2. कुछ ऋणायनी स्थल, एक इलेक्ट्रॉन युगल द्वारा घिरे रहते हैं।
  3. कुछ ऋणायनी स्थलों पर रिक्तिकाएँ होती हैं।
  4. F-केंद्र बनते हैं जो क्रिस्टल को रंग प्रदान करते हैं।

निम्नलिखित में से किन्हें आण्विक ठोस नहीं माना जा सकता?

  1. SiC (सिलिकन कार्बाइड)
  2. AIN
  3. हीरा
  4. I2

कॉलम I में दिए गए एकक कोष्ठिका के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए गुणों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) आद्य घनीय एकक कोष्ठिका (a) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: भिन्न होती है यानी a ≠ b ≠ c
(ii) अंत: केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका (b) प्रति एकक कोष्ठिका में परमाणुओं की संख्या एक होती है।
(iii) फलक केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका  (c) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: एकसमान होती है यानी a = b = c
(iv) अंत्य केंद्रित विषमलंबाक्ष
एकक कोष्ठिका 

(d) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या एक होती है।

  (e) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या तीन होती है।

कॉलम I और कॉलम II में दिए गए मदों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) ठोस अवस्था में Mg (a) p -प्रकार का अर्धचालक
(ii) गलित अवस्था में MgCl2 (b) n -प्रकार का अर्धचालक
(iii) फ़ॉस्फ़ोरस युक्त सिलिकन (c) विद्युत्अपघटनी चालक
(iv) बोरॉन युक्त जर्मेनियम (d) इलेक्ट्रॉनिक चालक

अभिकथन - सरल घनीय संरचना की एकक कोष्ठका से कुल एक परमाणु संबंधित होता है।

तर्क - सरल घनीय एकक कोष्ठका में परमाणु कोनों पर होते हैं जो कि प्रत्येक आठ निकटवर्ती एकक कोष्ठकाओं से सहभाजित रहते हैं।


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