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प्रश्न
सोना (परमाणु त्रिज्या= 0.144 nm) फलक-केन्द्रित एकक कोष्ठिका में क्रिस्टलीकृत होता है। इसकी कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
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उत्तर
fcc संरचना के लिए यदि r परमाणु की त्रिज्या हो तो
फलक विकर्ण = 4r
यदि कोष्ठिका की कोर की लम्बाई a हो तो फलक विकर्ण = `sqrt2`a अतः `sqrt2`a = 4r
∴ a = `4/sqrt2 xx 0.144`
= 0.407 nm
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अंतः केंद्रित घनीय व्यवस्था में रिक्त स्थान का प्रतिशत ______ होता है।
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- कुछ ऋणायनी स्थल एक अयुगलित इलेक्ट्रॉन द्वारा घिरे रहते हैं।
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कॉलम I में दिए गए एकक कोष्ठिका के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए गुणों से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) आद्य घनीय एकक कोष्ठिका | (a) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: भिन्न होती है यानी a ≠ b ≠ c |
| (ii) अंत: केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका | (b) प्रति एकक कोष्ठिका में परमाणुओं की संख्या एक होती है। |
| (iii) फलक केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका | (c) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: एकसमान होती है यानी a = b = c |
| (iv) अंत्य केंद्रित विषमलंबाक्ष एकक कोष्ठिका |
(d) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या एक होती है। |
| (e) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या तीन होती है। |
अभिकथन - सरल घनीय संरचना की एकक कोष्ठका से कुल एक परमाणु संबंधित होता है।
तर्क - सरल घनीय एकक कोष्ठका में परमाणु कोनों पर होते हैं जो कि प्रत्येक आठ निकटवर्ती एकक कोष्ठकाओं से सहभाजित रहते हैं।
